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मुख्य अध्यापक पर शोषण करने का आरोप लगा स्कूल में जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम(तावड़ू)
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:36 PM IST
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टीचर ने छात्रों का किया शोषण
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय छारौड़ा में मुख्य अध्यापक के व्यवहार से नाराज होकर ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए स्कूल में ताला जड़ दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच ग्रामीणों से ताला खोलने की अपील की, लेकिन गुस्साए लोगों ने ताला नहीं खोला। करीबन दो घंटे बाद खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और नाराज ग्रामीणों से ताला खोलने की अपील की।
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बाद में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के आने पर मुख्य अध्यापक के निलंबन व तबादले की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों के आक्रोश को भांपते हुए बीईओ ने लिखित में मुख्य अध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व स्कूल से बदलनेे के आश्वासन दिया। इसके बाद करीब ढाई घंटे बाद नाराज ग्रामीणों द्वारा स्कूल के मुख्य द्वार पर लगा ताला खोला गया।
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पूर्व सरपंच हाजी अब्दुल सत्तार, पंच हनीफ, पूर्व पंच खुर्शीद, हाजी यूसूफ, इकबाल, हनीफ, इसराईल, मजीद, जुम्मा, यासीन, सरपंच इरशाद, पंच हाजी गफफार, पूर्व सरपंच बशीर अहमद, इकबाल, जुबैर, इसमाईल, आदि ग्रामीणों का आरोप था कि जब से राजकीय माध्यमिक विद्यालय छारौड़ा में मुख्य अध्यापक राजकुमार ने पदभार संभाला है उसी समय से स्कूल का माहौल खराब हो रहा है। जब कोई अभिभावक अपने बच्चों की शिकायत लेकर स्कूल जाता है तो अभद्रता से पेश आता है।
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मुख्य अध्यापक पर ग्रामीण महिलाओं के साथ बदतमीजी करने व बेटियों का शोषण करने का आरोप भी लगाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि एसएमसी कमेटी में अनपढ़ लोगों को अध्यक्ष बनाया हुआ है, जो अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर कर मिड डे मील के राशन में जमकर भ्रष्टाचार कर वर्करों के साथ मिलकर उसे लूट रहे हैं।
आरोप है कि मुख्य अध्यापक ने मिड डे मील राशन बनाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर एक ही परिवार के कई सदस्यों को लगाया हुआ है। जब कोई ग्रामीण इसका ऐतराज करता है तो वह अपनी राजनीतिक पंहुच होने की धमकी देकर ग्रामीणों को डराता है।
साथ ही शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं देने व पद का दुरुपयोग करने का आरोप भी ग्रामीणों द्वारा लगाया गया। सरपंच इरशाद, यासीन, पंच मकसुद जुबैर, समद आदि ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छता अभियान को लेकर गत 29 मार्च को गांव में ओडीएफ टीम ने दौरा किया।
गांव का दौरा करने के बाद जब टीम विद्यालय में पंहुची तो वहां के शौचालयों में भारी मात्रा में गंदगी फैली हुई थी। जब सरपंच व ग्रामीणों ने गंदगी के बारे में हेडमास्टर से पूछताछ की तो वह सरपंच व ग्रामीणों के साथ अभद्रता पर उतारू हो गया। ग्रामीणों ने बताया की हेडमास्टर द्वारा की गई अभद्रता की रिकार्डिंग उनके पास मौजूद है। ग्रामीणों की मांग थी कि मुख्य अध्यापक को यहां से बदला जाए और इसकी डीडी पावर खत्म कर मामले की जांच कर इसे निलबित किया जाए।
खंड शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मामले की जांच तक मुख्य अध्यापक को स्कूल में नहीं भेजा जाएगा और उसकी डीडी पावर को खत्म किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश शास्त्री का कहना था कि मुख्य अध्यापक के रवैये की शिकायत पहले भी उनके संज्ञान में है। ग्रामीणों के साथ की गई अभद्रता व अन्य मामले की शिकायत की विभागीय जांच कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सरपंच इरशाद का कहना है कि मुख्य अध्यापक का व्यवहार ग्रामीणों के प्रति ठीक नहीं है। जब कोई अभिभावक शिकायत लेकर जाता है, तो यह उनके साथ अभद्रता से पेश आता है। सरपंच का आरोप था कि स्कूल की सफाई व शिक्षा के प्रति भी मुख्य अध्यापक ध्यान नहीं देता है।
वहीं मुख्य अध्यापक राजकुमार ने ग्रामीणों द्वारा लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत में जांच के बाद सब साफ हो जाएगा।