फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Taking advantage of the lame disability fraud gang busted

विक्लांगता का फायदा उठाकर ठगी करने वाले लंगड़ा गिरोह का पर्दाफाश

Sun, 15 May 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 15 May 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
Taking advantage of the lame disability fraud gang busted
लूट का छवि‌चित्र - फोटो : अमर उजाला

पश्चिमी जिले की जनकपुरी थाना पुलिस ने ठगी करने वाले एक लंगड़ा गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोरे कागज थमाकर ठगी करते थे। ये बैंकों में जाकर पैसे जमा कराने आए लोगों को अपना शिकार बनाते थे।

विज्ञापन


पुलिस की माने तो आरोपी करीब 500 लोगों के साथ इसी तरह ठगी कर चुके हैं। आरोपियों ने फिल्ड ब्वॉय से 14 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने गिरफ्तार आरेपियों केकब्जे से ठगी की रकम भी बरामद की है। पश्चिमी जिला डीसीपी पुष्पेन्द्र कुमार के अनुसार सागरपुर निवासी व प्राइवेट कंपनी में फिल्ड ब्वॉय का काम करने वाले विजय(बदला हुआ नाम) ने जनकपुरी थानाध्यक्ष आरएस मीणा को शिकायत दी थी कि वह कंपनी के 14 लाख रुपये जनकपुरी स्थित आईसीआईसीआई बैंक में जमा कराने गया था।
विज्ञापन


कैश काउंटर पर जब वह स्लिप भर रहा था तो तभी दो लड़केआए। इनमें एक विक्लांग था। दूसरे युवक ने बोला की उसने सैलरी नहीं देने पर मालिक केदो लाख रुपये चुराए लिए हैं। उसका बैंक में खाता नहीं है। अगर उसकेखाते में पैसे जमा करा देगा या खाता खुलवाने में सहायता करेगा तो वह उसे दस हजार रुपये देगा। आरोपियों ने विजय को एक पैकेट थमा दिया और उनकी स्लिप भरने लगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान आरोपी उसका 14 लाख रुपये से भरा बैग लेकर स्वीफ्ट कार में बैठकर फरार हो गए। विजय ने पैकेट खोलकर देखा तो उसमें एक पांच सौ का नोट था,बाकी कोरे कागज थे। थानाध्यक्ष आरएस मीणा की टीम ने मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज आदि केआधार पर एक आरोपी प्रवीण उर्फलंगडा को गिरफ्तार कर लिया। 

उसके कब्जे से ठगी की रकम में से 8.70 लाख रुपये बरामद कर लिए। पुलिस ने इससे पूछताछ केसाथ इसकेएक और साथी अनिल को गिरफ्तार कर लिया। वह लड़की का अपहरण कर उसे हरिद्वार ले गया था। इंस्पेक्टर आरएस मीणा की टीम ने उसे हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे 70 हजार रुपये बरामद किए गए। 


तीसरा आरोपी रोशन फरार है। मुख्य आरोपी प्रवीण विक्लांग है, अत: उसने अपने गिरो का नाम लगड़ा रखा हुआ था। आरोपियोंने खुलासा किया है कि वह करीब 500 लोगों केसाथ इसी तरह ठगी कर चुके हैं।ज्यादातर मामलों में इन्होंने 10 से 20 हजार रुपये ठगे है। कम रकम जाने पर ज्यादातर लोग पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराते थे। जब ये एक बैंक में ठगी करते थे तो उस बैंक में छह महीने तक नहीं जाते थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed