मौलाना ने बरगलाया न होता तो आतंकी नहीं बड़ा डांसर होता साजिद
दिल्ली-एनसीआर में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार हुए जैश-ए-मुहम्मद का संदिग्ध आतंकी साजिद कभी बड़ा डांसर बनना चाहता था। साजिद ने करीब 20 साल की उम्र में एक डांस रिएलिटी शो का भी ऑडिशन दिया था।
साजिद को पूरा भरोसा था कि शो में उसका चुनाव हो जाएगा। एक दिन वो पार्क में गाना लगाकर अपनी डांस प्रैक्टिस कर रहा था तभी एक मौलाना ने गाना बंद करते हुए उसे जबरदस्त फटकार लगाई और कहा कि, 'तुम अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो।'
स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तारी के बाद साजिद ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि मौलाना ने उसे डांटा और कहा डांस और संगीत की यह दुनिया उसे केवल नरक में ले जाएगी। साजिद ने आगे बताया कि वो डांस के लिए बेहद जुनूनी था लेकिन मौलाना ने उसे जिंदगी का सच्चा मकसद तलाशने को कहा जो उसे जन्नत की ओर ले जाए।
मौलाना ने दी थी जिहादी वेबसाइट्स खंगालने की सलाह
साजिद ने पुलिस को बताया कि मौलाना से चंद मुलाकातों के बाद वह डांस को भूलने लगा। मौलाना ने उससे कुछ वेबसाइट्स देखने को कहा। इसकी दौरान उसने Rangonoor.com वेबसाइट पर लॉगइन किया। वहां उसने सदा-ए-मुजाहिद, ऐलान-ए-जंग और जिहाद-राह-ए-निजात जैसे उपदेश पढ़ने को मिले।
इंटरनेट पर मौजूद सामग्रियों को पढ़कर साजिद ने धीरे-धीरे ये मानना शुरू कर दिया कि कुरान धर्म की रक्षा के लिए दूसरों को मारना सिखाता है। इसके बाद साजिद ने कई किताबें खरीदीं और जिहाद के बारे में खूब पढ़ा और इसके बाद वो जिहाद की राह पर निकल पड़ा।
पुलिस के अनुसार साजिद ने तो यह भी बताया है कि उसने उन जिहादी वेबसाइटों पर अपने फोन नंबर्स भी छोड़ दिए ताकि उन वेबसाइट्स को हैंडल करने वाले उसे जिहादियों में शुमार कर लें।
हालांकि काफी दिनों तक वहां से कोई उत्तर नहीं मिला। बहुत दिन बीत जाने के बाद एक रोज उसे अक्का का मैसेज मिला जिसमें एक नंबर दिया गया था जिस पर साजिद को फोन कर बात करनी थी।