फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   suspect of JeM terrorist was an aspiring dancer but maulana forced him to the way of jihad

मौलाना ने बरगलाया न होता तो आतंकी नहीं बड़ा डांसर होता साजिद

Thu, 05 May 2016 01:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 05 May 2016 01:45 PM IST
विज्ञापन
suspect of JeM terrorist was an aspiring dancer but maulana forced him to the way of jihad
संद‌िग्ध आतंक‌ी साज‌िद - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-एनसीआर में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार हुए जैश-ए-मुहम्मद का संदिग्ध आतंकी साजिद कभी बड़ा डांसर बनना चाहता था। साजिद ने करीब 20 साल की उम्र में एक डांस रिएलिटी शो का भी ऑडिशन दिया था।

विज्ञापन


साजिद को पूरा भरोसा था कि शो में उसका ‌चुनाव हो जाएगा। एक दिन वो पार्क में गाना लगाकर अपनी डांस प्रैक्टिस कर रहा था तभी एक मौलाना ने गाना बंद करते हुए उसे जबरदस्त फटकार लगाई और कहा कि, 'तुम अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो।'
विज्ञापन


स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तारी के बाद साजिद ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि मौलाना ने उसे डांटा और कहा डांस और संगीत की यह दुनिया उसे केवल नरक में ले जाएगी। साजिद ने आगे बताया कि वो डांस के लिए बेहद जुनूनी था लेकिन मौलाना ने उसे जिंदगी का सच्चा मकसद तलाशने को ‌कहा जो उसे जन्नत की ओर ले जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

मौलाना ने द‌ी थी ज‌िहादी वेबसाइट्स खंगालने की सलाह

suspect of JeM terrorist was an aspiring dancer but maulana forced him to the way of jihad

साजिद ने पुलिस को बताया कि मौलाना से चंद मुलाकातों के बाद वह डांस को भूलने लगा। मौलाना ने उससे कुछ वेबसाइट्स देखने को कहा। इसकी दौरान उसने Rangonoor.com वेबसाइट पर लॉगइन किया। वहां उसने सदा-ए-मुजाहिद, ऐलान-ए-जंग और जिहाद-राह-ए-निजात जैसे उपदेश पढ़ने को मिले।

इंटरनेट पर मौजूद सामग्रियों को पढ़कर साजिद ने धीरे-धीरे ये मानना शुरू कर दिया कि कुरान धर्म की रक्षा के लिए दूसरों को मारना सिखाता है। इसके बाद साजिद ने कई किताबें खरीदीं ‌और जिहाद के बारे में खूब पढ़ा और इसके बाद वो जिहाद की राह पर निकल पड़ा।

पुलिस के अनुसार साजिद ने तो यह भी बताया है कि उसने उन जिहादी वेबसाइटों पर अपने फोन नंबर्स भी छोड़ दिए ताकि उन वेबसाइट्स को हैंडल करने वाले उसे जिहादियों में शुमार कर लें।

हालांकि काफी दिनों तक वहां से कोई उत्तर नहीं मिला। बहुत दिन बीत जाने के बाद एक रोज उसे अक्का का मैसेज मिला जिसमें एक नंबर दिया गया था जिस पर साजिद को फोन कर बात करनी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed