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खुद पर तेल छिड़ककर घेरा एसएसपी का दफ्तर
अमर उजाला, साहिबाबाद
Updated Thu, 15 Jan 2015 01:04 AM IST
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एटीएस सोसायटी निवासी कपड़ा व्यापारी अरशी मलिक के भाई की हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पसौंडा के लोगों ने बुधवार को एसएसपी कार्यालय पर हंगामा किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने मिट्टी का तेल अपने ऊपर छिड़क रखा था।
समझाने के लिए पहुंचे सिहानी गेट और कविनगर कोतवाल को भी परिजनों ने घेर लिया। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर वे शांत हुए। पुलिस ने एक हत्यारोपी रशीद को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
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अरशी के पिता अकरम, भाई इकबाल और अन्य परिजन एसएसपी ऑफिस से पहले साहिबाबाद थाने पहुंचे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीन माह से लगातार अरशी सुरक्षा की मांग कर रहा था।
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मगर उसे सुरक्षा नहीं दी गई, जिसका फायदा उठाकर यूनुस ने घटना को अंजाम दिया। वहीं, एसओ हरिदयाल यादव ने बताया कि कुछ साल पहले आरोपी यूनुस उर्फ काला और अरशी साथ में लैपटॉप तथा मोबाइल बेचने का काम करते थे।
इस दौरान रुपयों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। पिछले साल जुलाई में आरोपी यूनुस ने अरशी से 20 लाख की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।
इस मामले में पुलिस ने यूनुस, नवाब और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मंगलवार शाम को यूनुस, रशीद, नवाब और नसीम दो बाइक पर कनावनी पुलिया पर आए और अरशी व उसके भाई अमजद पर गोलियां बरसा दीं।
गंभीर रूप से घायल अमजद की मौत हो गई थी। अरशी के भाई इकबाल की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
रशीद को तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार उसने भी हत्याकांड में यूनुस और अन्य आरोपियों के शामिल होने की बात कबूली है।
रची थी हत्या के मामले में फंसाने की साजिश
14 नवंबर 2014 की रात को यूनुस के मामा की दिल्ली के श्यामलाल कॉलेज पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। तब यूनुस ने अरशी पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मगर दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया था कि हत्या में यूनुस और उसके भाई अनीस का ही हाथ है, जिसके बाद अनीस को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसओ के मुताबिक भाई के जेल जाने से गुस्साए यूनुस ने अरशी पर फायरिंग की।
पुलिस बल रहा तैनात
दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के बाद अमजद का शव लेकर परिजन पसौंडा स्थित निवास पर पहुंचे। इस दौरान किसी भी तरह के हंगामे को रोकने के लिए साहिबाबाद, लिंक रोड, इंदिरापुरम और लोनी थाने का पुलिस फोर्स यहां लगाया गया था।