अमेरिका में यौन शोषण का आरोपी पादरी पहुंचा HC
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अमेरिका में 14 वर्षीय लड़की से यौन प्रताड़ना के मामले में आरोपी जोसेफ पालनीवेल जीयापाल नामक पादरी ने अपने प्रत्यार्पण को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जबाव दाखिल करने का निर्देश दिया है।
आरोपी वर्ष 2005 में गिरफ्तारी के डर से भारत भाग आया था और अमेरिका में उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है। पटियाला हाउस अदालत ने 6 सितंबर को दिए फैसले में उसे अमेरिका भेजने की इजाजत प्रदान की थी।
न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी के समक्ष याची के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि वह 31 अगस्त 2005 को अपनी मां को देखने भारत आया था और भेदभाव के चलते उसे फर्जी मामले में फंसाया दिया गया। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि इस याचिका के निपटारे तक उनके मुवक्किल के प्रत्यार्पण पर रोक लगाई जाए और ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द किया जाए।
अमेरिका में एक साल तक किया यौन शोषण
पटियाला हाउस स्थित मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अजय गर्ग ने शनिवार को दिए अपने फैसले में कहा था कि अमेरिका द्वारा पेश दस्तावेजों व साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद वे महसूस करते है कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने का ठोस आधार है। अदालत ने कहा कि साक्ष्यों से स्पष्ट है कि आरोपी ने लड़की का यौन शोषण किया व उसे धमकियां दी।
उन्होंने केंद्र सरकार को आरोपी को मुकदमे का सामना करने के लिए उसे अमेरिका प्रत्यार्पण कर दिया जाए। अदालत ने यह फैसला अमेरिका के आग्रह पर दिया था।
आरोप है कि आरोपी अमेरिका के मेनेसोटा में तीन चर्च में पादरी था और चर्च में कांफ्रेंस के दौरान उसकी मुलाकात 14 वर्षीय लड़की से हुई। आरोपी ने 2004 से अगस्त 2005 के दौरान उसका यौन शोषण किया व किसी को बताने पर गंभीर नतीजों की धमकियां दी। इसी दौरान वह भाग कर भारत आ गया और 28 दिसंबर 2010 को उसके खिलाफ वारंट जारी किए गए। आरोप साबित होने पर उसे 30 वर्ष कैद की सजा तक मिल सकती है।