घर के दरवाजे तोड़ महिला वकील को किया गिरफ्तार तो उलटा HC ने पुलिस को ही लगा दी फटकार
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हाईकोर्ट ने सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता के घर के दरवाजे तोड़कर महिला अधिवक्ता से बदसलूकी व गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। मंगलवार को हाईकोर्ट ने दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त को इस प्रकरण में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ जांच का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने साथ ही महिला वकील को सुरक्षा मुहैया करवाने का निर्देश पहाड़गंज थाना प्रभारी को दिया है। साथी वकील की गिरफ्तारी पर रोष जताने के लिए हाईकोर्ट के वकीलों ने मंगलवार को हड़ताल भी की। उधर, डीसीपी ने जांच अधिकारी के खिलाफ जांच के निर्देश दे दिए हैं।
जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल व जस्टिस दीपा शर्मा की खंडपीठ ने पुलिस की कार्रवाई पर स्थायी अधिवक्ता को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा जब हाईकोर्ट से कोई भी कड़ी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया था तो फिर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के घर का दरवाजा तोड़कर वहां से महिला अधिवक्ता को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया।
22 दिसंबर तक हलफनामा पेश करने के दिए आदेश
कोर्ट ने पूछा कि थाना सफदरजंग एन्क्लेव में तैनात एसआई नरेश कुमार महिला अधिवक्ता दीपा आर्या को गिरफ्तार करने वरिष्ठ अधिवक्ता आरके सैनी के घर कैसे पहुंच गया। खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में शामिल पुलिस वालों पर डीसीपी साउथ जांच कर हलफनामा 22 दिसंबर तक पेश करें।
पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अलावा जिस मामले में पुलिस ने कार्रवाई की उसका रिकॉर्ड सुरक्षित करने और अगली तारीख पर पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई पांच जनवरी को होगी।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता राहुल मेहरा व केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता अनिल सोनी को मामले में शामिल पुलिस वालों पर कार्रवाई करने व अगली तारीख पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश अधिवक्ता दीपा आर्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
घटना की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की
याची ने उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच ट्रांसफर करने व इस घटना की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। इसके अलावा याची ने जिम्मेदार पुलिस वालों पर अदालती अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की है।
याची का कहना है कि हाईकोर्ट से संरक्षण मिलने के बाद भी पुलिस ने दूसरे वकील के घर से बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस के साथ पीड़िता का ममेरा भाई भी था और जांच अधिकारी नरेश कुमार व पुलिस पार्टी उसकी गाड़ी में ही आई थी।
पुलिस ने घर के दो दरवाजे तोड़ दिए। इससे डरकर महिला वकील बाथरूम में चली गई, बाद में वह बाहर आ गई। याची का आरोप है कि पुलिस ने उसे बालों से पकड़ कर खींचा और बुरा व्यवहार किया।
जांच अधिकारी नरेश कुमार ने उसे धमकी दी कि उसके सारे मामलों में वही जांच अधिकारी है। पुलिस यह सब उसके ममेरे भाई गौरव गोयल के इशारे पर किया। महिला वकील व उसके मामा के बेटे के साथ संपत्ति का विवाद चल रहा है। महिला पर उसके भाई ने 14 मामले दर्ज करवा रखे हैं।