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तीन माह पहले की थी प्लानिंग, प्लानर की हो चुकी मौत
अभिषेक सिंह/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 03 Jan 2015 01:23 AM IST
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पूर्व विधायक कृष्णवीर सिरोही के बेटे तरुण की कोठी के फर्जी कागजात तैयार कर लोन लेने की प्लानिंग में सुरेंद्र के साथ महेश और एक अन्य युवक हनुमान भी शामिल था।
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तीन महीने पहले ही कोठी पर लोन लेने की स्क्रिप्ट तैयार कर ली गई थी। योजना के एक प्लानर युवक हनुमान की दो माह पूर्व सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
उन्हें उम्मीद थी कि करीब 3 से 4 करोड़ रुपये कीमत वाली इस कोठी पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम लोन के तौर पर मिल जाएगी।
प्लानिंग में शामिल रहे तीनों युवक दिल्ली के रहने वाले हैं। जांच अधिकारी योगेंद्र सिंह के मुताबिक दो माह पूर्व सड़क हादसे में जान गंवा चुका युवक हनुमान कंप्यूटर का एक्सपर्ट था।
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उसी ने कोठी के फर्जी कागज तैयार कर लोन लेने की प्लानिंग तीन महीने पहले की थी। हनुमान ने ही महेश और सुरेंद्र को बताया था कि राजनगर सेक्टर-8 में लंबे समय से खाली पड़ी कोठी रेंट पर मिल जाए तो आसानी से लोन मिल सकता है।
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लोन के लिए जो कागज दिए जाने होंगे, वह खुद हनुमान ने कंप्यूटर के माध्यम से तैयार कर लेगा। पूर्व में पेपर ट्रेडिंग का काम करने वाले आरोपी सुरेंद्र ने पुलिस को बताया कि हनुमान ने कोठी का फर्जी बिजली बिल भी कंप्यूटर के जरिए तैयार कर लिया था।
महेश को कोठी किराए पर अपने नाम से लेनी थी। सुरेंद्र के नाम पर लोन लिया जाने वाला था। प्लानिंग के एक माह बाद ही हनुमान की मौत हो गई। इसके कारण प्लानिंग बीच में रुक गई थी।
आरोपियों ने करीब डेढ़ माह बाद अंजाम देने का दोबारा प्लान बनाया और एक प्रापर्टी डीलर के जरिए कोठी को महेश ने किराए पर लेकर लोन लेने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस के मुताबिक 2005 में सुरेंद्र ठगी के एक मामले में जेल जा चुका है।
सुरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महेश की तलाश में जुटी है। अंदेशा है कि यह गिरोह ठगी की वारदातों को पूर्व में भी अंजाम दे चुका है। माना जा रहा है कि महेश की गिरफ्तारी के बाद अहम खुलासे हो सकते हैं।
पत्नी को है ब्रेन ट्यूमर:
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी सुरेंद्र कपूर की पत्नी को ब्रेन ट्यूमर है। उसी के इलाज के लिए वह ठगी करता है। पहले उसका पेपर ट्रेडिंग का काम था, मगर उसकेपार्टनर ने ही उसे धोखा दे दिया।
मोबाइल में कोड वर्ड में फीड है नाम:
आरोपी केमोबाइल की भी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। कविनगर इंस्पेक्टर अवनीश कुमार गौतम के अनुसार आरोपी ने अपने मोबाइल में पुजारी, बॉस, डोल-डोल और न्यू रामलाल जैसे नाम से नंबर फीड कर रखे हैं। पुलिस अब इन नंबरों की तलाश में भी जुटी है।
जीडीए भी कर सकता है कार्रवाई:
जीडीए के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने वाले सुरेंद्र कपूर के खिलाफ अब जीडीए भी अलग से रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। जीडीए ओएसडी डीपी सिंह के अनुसार जीडीए के फर्जी दस्तावेज पुलिस से मंगाए गए हैं। उनकी पड़ताल की जाएगी। इसमें अगर जीडीए का कोई कर्मचारी लिप्त मिलता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।