गेम पार्लर की आड़ में चल रहा था ऑनलाइन कसीनो, एक के बदले 36 का लगता था दांव
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दिल्ली के शकरपुर इलाके में बच्चों के गेम पार्लर की आड़ में चलाए जा रहे ऑनलाइन कसीनो का पूर्वी जिला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संबंध में कसीनो के मैनेजर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मैनेजर अमित कश्यप, राहित शर्मा, सन्नी छाबड़ा, सचिन कुमार, ऋषिकेश और पंकज मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से 15 गेम स्टेशन (डेस्कटॉप कंप्यूटर), 25 हजार रुपये और अन्य सामान बरामद किया है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को एक सूचना पर उनकी टीम ने दुकान नंबर-3, प्लॉट नंबर-7, कृष्ण कुंज, लक्ष्मी नगर में रेड की। पुलिस ने गेम पार्लर के मैनेजर अमित कश्यप व पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। छानबीन में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने फन प्वाइंट के नाम से बच्चों का गेम पार्लर खोला हुआ था, लेकिन यहां न तो बच्चों का कोई गेम था और न ही बच्चे यहां आते थे।
पार्लर में कम से कम से एक हजार रुपये का दाव लगाया जाता था। एक हजार के बदले 36 हजार रुपये देने का वादा किया जाता था। पुलिस की मानें तो अमित इससे पूर्व भी इसी तरह ऑनलाइन सट्टा रैकेट चलाते हुए पकड़ा गया था।
कसीनो के मालिक मिथिलेश और शैलेश जायसवाल नामक दो भाई बताए जा रहे हैं।जिस दुकान में सट्टा चलाया जा रहा था, वह रमेश चौरसिया की बताई जा रही है। रमेश मुंबई में रहता है और सट्टे के मामलों में उसका कई बार नाम आ चुका है।
सिर्फ जानकारों की ही होती थी एंट्री
पुलिस की मानें तो छानबीन में पता चला है कि ऑनलाइन कसीनो का विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर बंगलूरू में बना है। गेम को मास्टर कंप्यूटर के जरिये मुंबई से ऑपरेट किया जाता है। देशभर के कसीनो पार्लर के लिए ऑनलाइन आईडी व पासवर्ड दिया जाता है।
उसके आधार पर हर कसीनो में गेम स्टेशन लगाए जाते हैं। वहां कम से कम एक हजार का दाव लगाया जाता है। बदले में 36 हजार देने का वादा किया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लक्ष्मीनगर में बने गेम पार्लर में काफी समय से सट्टा खिलाया जा रहा था।
पुलिस की मानें तो ऑनलाइन कसीनो में हर किसी की एंट्री नहीं थी। कसीनो के गेट पर एक ऑटोमैटिक लॉक लगा हुआ था। बिना जान-पहचान के शख्स को अंदर आने की इजाजत नहीं थी। बाहर के लोगों पर नजर रखने के लिए मेन गेट पर दो सीसीटीवी कैमरे लगाए हुए थे। शनिवार को पुलिस ने जब रेड की तो एक पंटर (दांव लगाने वाला) अंदर दाखिल हो रहा था। पुलिस ने अंदर घुसते ही आरोपियों को काबू कर लिया।