फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   MPs had to be fake swindle millions, tells himself close to Lalu

फर्जी सांसद बनकर करता था करोड़ों की ठगी, खुद को बताता था लालू यादव का करीबी

Mon, 13 Jun 2016 04:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 13 Jun 2016 04:34 AM IST
विज्ञापन
MPs had to be fake swindle millions, tells himself close to Lalu
फर्जी सांसद बनकर करता था ठगी - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लोकसभा का सांसद बताकर करोड़ों की ठगी करने वाले शातिर बदमाश को दबोचा है। आरोपी की पहचान सीतामढ़ी (बिहार) निवासी प्रवीन कुमार सिंह (43) के रूप में हुई है। आरोपी ने देशभर के लोगों से रेलवे, एफसीआई और स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की।

विज्ञापन


पिछले पांच सालों से वह पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। अपराध शाखा को 28 मई को सूचना मिली कि आरोपी हवाई जहाज से कोलकाता से दिल्ली आने वाला है। सूचना के बाद एयरपोर्ट से पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। 
विज्ञापन


उसके पास से सात मोबाइल, पांच डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 24 घड़ी, भारी मात्रा में बायोडाटा और सांसद का लेटर हेड बरामद हुआ है। अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव बलिया (उप्र) निवासी हर्ष देव तिवारी ने वर्ष 2014 में अपराध शाखा से ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि बिहार के मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर तैनात क्लर्क ने उनकी मुलाकात प्रवीन कुमार सिंह से करवाई थी। उसने खुद को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव का करीब बताकर नौकरी दिलवाने की बात की। 

फिर उसने बलिया के हर्ष समेत 10 लोगों को रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी दिलवाने के नाम पर दिल्ली के बड़ौदा हाउस में ढाई-ढाई लाख रुपये ले लिए। इसके बाद उन्हें मेडिकल कराने का एक लेटर दे दिया गया। 

बलिया के 10 लोगों से नौकरी के नाम पर ठगे 25 लाख

MPs had to be fake swindle millions, tells himself close to Lalu

जब सभी लोग कोलकाता मेडिकल के लिए पहुंचे तो उन्हे अपने साथ ठगी का पता चला। अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इसी तरह दिल्ली के मौजपुर निवासी रियाजुद्दीन व उसकी पत्नी से रेलवे में नौकरी के नाम पर आठ लाख रुपये की ठगी की गई।

इसके अलावा आरोपी ने दिल्ली, पंजाब, कोलकाता, मुंबई और उप्र में दर्जनों लोगों को नौकरी के नाम पर ठग लिया। कुछ मामलों में कंपनियों को सरकारी कांट्रैक्ट दिलवाने और कुछ लोकल नेताओं को राजनैतिक पार्टियों में ऊंचा पद दिलवाने का झांसा देकर ठगा गया। आरोपी बार-बार दिल्ली में अपने पते बदलकर पुलिस को झांसा देता रहा। करीब पांच साल तक उसने पुलिस की आंखों में धूल झोंकी।

50 हजार का इनाम था घोषित 
पुलिस के मुताबिक, प्रवीन मूलरूप से सीतामढ़ी बिहार का रहने वाला है। शुरू में छोटा-मोटा काम करने के बाद 1999 में दिल्ली आ गया। यहां कई होटल में नेपकिन सप्लाई किए। वर्ष 2000 में उसने दिल्ली में दूसरी शादी करके उत्तम नगर में रहना शुरू कर दिया।

2008 के बाद उसने आरकेपुरम में अपना  कंसलटेंसी का दफ्तर खोलकर झारखंड के कुछ युवाओं को स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर 30 लाख ठग लिए। दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। वह हमेशा सफेद रंग के खादी कपड़े पहनता था। पुलिस से बचने के लिए उसने 10 से अधिक अपने पते बदले।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed