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मॉकड्रिल : नीमका जेल तोड़कर भागे कैदी, हाईअलर्ट मोड में आई पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 08 Dec 2016 01:34 AM IST
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वाहनों की जांच करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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भोपाल और फिर नाभा जेलों से आतंकवादियों के भागने की घटना के बाद बुधवार को शहर में हाईअलर्ट की मॉकड्रिल की गई। दोपहर करीब तीन बजे थाना सदर बल्लभगढ़ पुलिस ने वायरलेस पर मैसेज दिया गया कि नीमका जेल से अभी-अभी 11 कुख्यात कैदी भाग निकले हैं इन्हें हर हालत में राउंड अप करें।
मैसेज फ्लैश होते ही कंट्रोल रूम ने हाईअलर्ट जारी करते हुए सभी थाना, चौकी, पीसीआर, राइडर आदि को मैसेज प्रसारित कर दिया। रिजर्व फोर्स के 400 जवान भी अलग अलग टुकडिय़ों में बंट कर सड़क पर उतर आए। क्राइम ब्रांच की टीमें भी हथियार लेकर कैदियों की तलाश में निकल पड़ीं।
साइबर सेल की चार टीमें नीमका जेल पहुंच गई और कैदियों का सुराग लगाने में जुट गईं। खुद सीपी हनीफ कुरैशी और डीसीपी क्राइम मौके पर पहुंच गए। इसके बाद जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने करीब 120 स्थानों पर नाकाबंदी कर पुलिकर्मी सजगता से वाहनों की तलाशी लेते दिखाई दिए।
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सीपी के आदेश थे कि कोई भी वाहन-व्यक्ति बिना चेकिंग के निकल न जाए। क्राइम ब्रांच की टीमों ने सभी मेट्रो स्टेशनों को अपने अंडर ले लिये। बस स्टैंड और लंबी दूरी पर चलने वाली दूसरे राज्यों की बसों को भी रोक-रोककर चेक किया गया। इस चेकिंग के दौरान क्राइम ब्रांच टीम के साथ इंटरसेप्शन वैन भी थी।
वाट्सएप पर किया गया था अलर्ट
हाईअलर्ट को पुलिसकर्मी गंभीरता से लें इसके लिए पुलिस के सीयूजी वाट्सएप ग्रुप पर कैदियों के 11 फोटो भी जारी किए गए थे। हालांकि बाद में जिला पुलिस को पता चला कि यह सिर्फ एक रिहर्सल चेकिंग थी। सीपी हनीफ कुरैशी ने वायरलेस सेट से ही सभी को एड्रेस किया कि यदि जिले में कभी कोई बड़ी घटना हो जाए तो इसी तरह तुरंत चेकिंग और नाकाबंदी करनी है।
दस नाकों पर हुई लापरवाही
एसीपी क्राइम राजेश चेची ने बताया कि जिले में रिहर्सल चेकिंग के दौरान उन्हें 10 नाके ऐसे मिले जहां काफी लापरवाही बरती जा रही थी। चूंकि वह सरकारी गाड़ी में नहीं थे इसलिए इन नाकों की गलतियां पकड़ सके। इसकी रिपोर्ट बनाकर सीपी को सौंपी जा रही है, ताकि आगे इस तरह की गलतियां न हो सके।
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मैसेज फ्लैश होते ही कंट्रोल रूम ने हाईअलर्ट जारी करते हुए सभी थाना, चौकी, पीसीआर, राइडर आदि को मैसेज प्रसारित कर दिया। रिजर्व फोर्स के 400 जवान भी अलग अलग टुकडिय़ों में बंट कर सड़क पर उतर आए। क्राइम ब्रांच की टीमें भी हथियार लेकर कैदियों की तलाश में निकल पड़ीं।
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साइबर सेल की चार टीमें नीमका जेल पहुंच गई और कैदियों का सुराग लगाने में जुट गईं। खुद सीपी हनीफ कुरैशी और डीसीपी क्राइम मौके पर पहुंच गए। इसके बाद जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने करीब 120 स्थानों पर नाकाबंदी कर पुलिकर्मी सजगता से वाहनों की तलाशी लेते दिखाई दिए।
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सीपी के आदेश थे कि कोई भी वाहन-व्यक्ति बिना चेकिंग के निकल न जाए। क्राइम ब्रांच की टीमों ने सभी मेट्रो स्टेशनों को अपने अंडर ले लिये। बस स्टैंड और लंबी दूरी पर चलने वाली दूसरे राज्यों की बसों को भी रोक-रोककर चेक किया गया। इस चेकिंग के दौरान क्राइम ब्रांच टीम के साथ इंटरसेप्शन वैन भी थी।
वाट्सएप पर किया गया था अलर्ट
हाईअलर्ट को पुलिसकर्मी गंभीरता से लें इसके लिए पुलिस के सीयूजी वाट्सएप ग्रुप पर कैदियों के 11 फोटो भी जारी किए गए थे। हालांकि बाद में जिला पुलिस को पता चला कि यह सिर्फ एक रिहर्सल चेकिंग थी। सीपी हनीफ कुरैशी ने वायरलेस सेट से ही सभी को एड्रेस किया कि यदि जिले में कभी कोई बड़ी घटना हो जाए तो इसी तरह तुरंत चेकिंग और नाकाबंदी करनी है।
दस नाकों पर हुई लापरवाही
एसीपी क्राइम राजेश चेची ने बताया कि जिले में रिहर्सल चेकिंग के दौरान उन्हें 10 नाके ऐसे मिले जहां काफी लापरवाही बरती जा रही थी। चूंकि वह सरकारी गाड़ी में नहीं थे इसलिए इन नाकों की गलतियां पकड़ सके। इसकी रिपोर्ट बनाकर सीपी को सौंपी जा रही है, ताकि आगे इस तरह की गलतियां न हो सके।