यहां बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में लूटे 20 लाख, पहले कार से ठोका फिर उड़ा दिया बैग
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कार व बाइक सवार बदमाशों के गिरोह ने शनिवार को दिनदहाड़े जीआईपी मॉल के पास बाइक सवार दो कलेक्शन एजेंटों से 20 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। पहले कार सवार बदमाशों ने टक्कर मारकर कलेक्शन एजेंटों को गिरा दिया। फिर पल्सर बाइक सवार बदमाश बैग लेकर भाग गए।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची थाना सेक्टर-39 पुलिस वारदात की जांच कर रही है। बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस मॉल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल जा रही है। वारदात जीआईपी मॉल के बगल से निकल रहे शाहदरा नाले के किनारे दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई है।
पहले भी यहां लूट की कई वारदात हो चुकी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवार कलेक्शन एजेंटों को बिना नंबर की सफेद रंग की वैगनआर कार ने पहले टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद पीछे से आ रहे पल्सर बाइक सवार बदमाशों में से एक नीचे उतरा। उसने सड़क पर घायल पड़े कलेक्शन एजेंट से रुपयों से भरा बैग लूटने का प्रयास किया।
विरोध करने पर उसने कलेक्शन एजेंट पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए बैग लूट लिया। इसके बाद बाइक व कार सवार बदमाश वहां से भाग निकले। वारदात के वक्त आसपास काफी संख्या में लोग और करीब 30 कैब ड्राइवर भी मौजूद थे।
जीपीएस से दिल्ली में मिली लोकेशन
लोगों ने वारदात को देखा भी, लेकिन पिस्टल देखने के बाद किसी ने बदमाशों को रोकने की हिम्मत नहीं जुटाई। हालांकि, बदमाशों के भागने के बाद लोगों ने पीड़ितों की। लोगों ने पुलिस को भी सूचना दी।
इसके बाद थाना सेक्टर-39 प्रभारी निरीक्षक अनिल शाही, एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह और कलेक्शन कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी तो वह भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी के अनुसार, वारदात नोएडा सेक्टर-61 स्थित रायटर सेफ गार्ड कंपनी के कलेक्शन एजेंट प्रेमपाल और होशियार के साथ हुई है।
ये कंपनी नोएडा व दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों से नकदी लेकर उसे बैंक में जमा कराती है। दोनों ने पहले दिल्ली के सरिता विहार से कैश लिया, फिर नोएडा के डीएलएफ मॉल, सेक्टर-18 में एक ज्वैलर्स और अंत में सेक्टर-32 लॉजिक्स मॉल के कई शोरूम से कलेक्शन कर दिल्ली के बैंक में रुपये जमा कराने जा रहे थे।
जीआईपी मॉल पार करते ही शाहदरा नाले के किनारे बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस के अनुसार पीड़ितों के पास नकदी कितनी थी, ये अभी स्पष्ट नहीं है। जहां-जहां से नकदी एकत्र की गई थी, सभी जगह से पूछताछ कर नकदी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि ऐसी वारदात से बचने के लिए कंपनी बैग में एक मोबाइल फोन रखती है। उसमें एक विशेष ऐप है जिससे जीपीएस से लोकेशन देखी जा सकती है। वारदात के बाद मौके पर पहुंचे कलेक्शन कंपनी कर्मचारियों ने अपने डिवाइस से बैग की लोकेशन चेक की तो पता चला कि बदमाश नोएडा पुलिस से बचने के लिए वारदात के बाद सेक्टर-14ए प्रवेश द्वार होते हुए दिल्ली की सीमा में घुसे हैं। इसके बाद उनकी लोकेशन चिल्ला गांव के पास डीडीए फ्लैट के पास थी। पुलिस जीपीएस की मदद से पूर्वी दिल्ली में बदमाशों को तलाशने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार, दोनों घायल एजेंटों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एक टीम बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और दूसरी टीम एजेंटों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पुलिस को इनके बयानों में विरोधाभास मिल रहा है। पुलिस के अनुसार घबराहट में भी ऐसा हो सकता है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।