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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Mathura case: during the operations shown alive Ramvriksh Yadav

पुलिस की वर्दी पहने बवालियों ने लगाई थी आग, कार्रवाई के समय जिंदा दिखा रामवृक्ष यादव 

Mon, 13 Jun 2016 04:51 AM IST
रोहित गुप्ता/अमर उजाला, गाजियाबाद
रोहित गुप्ता/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 13 Jun 2016 04:51 AM IST
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Mathura case:  during the operations shown alive Ramvriksh Yadav
ramvaraksh yadav - फोटो : amar ujala

मथुरा के जवाहर बाग में कथित सत्याग्रहियों पर फायरिंग करने वाले पुलिस कर्मी नहीं थे। यह दावा चश्मदीद बताने वाले अनूपशहर निवासी चेतराम सैनी का है। चेतराम आज सूरजपुर में नरपत सैनी के घर शोक में शामिल होने आया था। मथुरा बवाल में घायल नरपत की पिछले दिनों मौत हो गई थी। 

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नरपत सैनी के घर आए चेतराम सैनी का दावा है कि दो जून की शाम जवाहर बाग गेट पर पुलिस और पीएसी तैनात थी। बार-बार हमसे जवाहर बाग खाली करने को कहा जा रहा था। रामवृक्ष चुपचाप खड़ा था और हम लोग बैठे थे। 
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उस जगह से करीब 100 मीटर दूर अचानक जेल की दीवार तोड़कर कथित रुप से खाकी वर्दी पहने कुछ लोग हम पर टूट पड़े। कुछ पंडालों में आग लगा दी और फायरिंग करने लगे। उसका दावा है कि जवाहर बाग में हमला करने वाले पुलिस-पीएसी के जवान नहीं थे। 
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दीवार तोड़कर अंदर घुसे पुलिस की वर्दी में बवाली थे। भगदड़ के बीच रामवृक्ष यादव को अंतिम बार मैंने खुद जिंदा देखा था। उसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। बवाल में 17 लोग मारे जा चुके थे। सभी लाशें मुख्य कार्यालय पंडाल नंबर 15 में एकत्रित कर ली गई थीं।

जवाहर बाग कांड के चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी

Mathura case:  during the operations shown alive Ramvriksh Yadav
jawahar bagh

अचानक फिर इन्हीं वर्दीधारियों ने पंडाल में एक गोला दागा और सारी लाशें जलकर राख हो गईं। इन लोगों ने एक-एक करके बाकी बचे सारे पंडालों में भी आग लगा दी। चेतराम के मुताबिक पूरे जवाहर बाग में करीब पांच हजार लोग थे। 

ज्यादातर इस उपद्रव का शिकार हुए हैं। चेतराम ने वहां से भागकर जान बचाई। आगरा के अस्पताल में कई दिन तक इलाज चला, जिसके बाद वह अपने घर आ पाया है। चेतराम का दावा है कि हमारे पास हथियारों के नाम पर केवल रामवृक्ष यादव की रायफल थी।

पुलिस से बचने के लिए हमने पत्थर जरूर जमा कर लिए थे। उसने कबूला कि हमने पुलिस पर पथराव भी किया था। उसका दावा है कि पुलिस ने एक स्थान से ही हथियारों का जखीरा बरामद करना दिखाया है जो सही नहीं है।

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