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सावधान: आपको भी फंसा सकती है ये लेडी सब-इंस्पेक्टर

Fri, 05 Sep 2014 07:43 AM IST
Updated Fri, 05 Sep 2014 07:43 AM IST
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lady sub inspecter charges on fake rape case

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात सबइंस्पेक्टर वंदना राव ने जालंधर, पंजाब के कपड़ा व्यवसायी से युवती के नाम पर रकम ऐंठी थी। वंदना ने उसे धमकी दी थी कि उसके कमरे में युवती थी और वह गलत काम कर रहा था।

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हकीकत यह है कि व्यवसायी के कमरे में कोई युवती नहीं थी। हालांकि होटल के अलग कमरों में ठहरे युवकों के साथ युवतियां थीं। एसआई वंदना राव और एएसआई हंसराज को निलंबित कर दिया गया है। रिमांड खत्म होने के बाद दोनों को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार कपड़ा व्यवसायी जसप्रीत 31 अगस्त की रात महिपालपुर स्थित होटल में चेक इन किया था। कुछ देर बाद ही एसआई वंदना राव एएसआई हंसराज और तीन आम लोगों के साथ होटल में रेड डालने पहुंच गई।
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एसआई वंदना राव ने व्यवसायी से कहा था कि वह होटल के कमरे में युवती के साथ गलत काम कर रहा है। होटल के अन्य कमरों में युवक-युवतियां ठहरे हुए थे।

तो ये है महिला सब-इंस्पेक्टर की काली करतूत?

lady sub inspecter charges on fake rape case

एसआई वंदना राव ने सभी को कमरे से बाहर निकाल लिया था और सभी को लॉबी में लाकर बैठा दिया। छोड़ने की एवज में वंदना ने व्यवसायी से 40 हजार रुपये ले लिए थे। पूरा सौदा दो लाख रुपये में तय हुआ था।

इस मामले में तीन आम पब्लिक की भूमिका अहम रही है। माना जा रहा है कि ये एसआई वंदना राव के मुखबिर थे। जिस होटल में युवक-युवती ठहरते थे, ये एसआई वंदना राव को सूचना दे देते थे।

माना जा रहा है कि एसआई वंदना राव इस तरह दबिश देकर एक्सटॉर्शन करती थी। पुलिस इन तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एसआई वंदना राव एएसआई हंसराज को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा में एसआई वंदना राव दबिश देने के लिए सीधे तौर पर अधिकृत नहीं थी। उसके पास दबिश देने के लिए न पुलिसकर्मियों की टीम थी और न ही अन्य संसाधन।

अधिकारियों ने बताया कि जिला पुलिस से दुष्कर्म, छेड़छाड़ व दहेज से जुड़े मामले ट्रांसफर होकर अपराध शाखा में आते थे, एसआई वंदना राव उनकी तफ्तीश करती थी। वंदना राव को कुछ पुलिसकर्मी सहायता के लिए दे रखे थे।

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