जेवर गैंगरेप में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, मुसीबत में फंसी यूपी पुलिस
जेवर गैंगरेप के बाद गिरफ्तार कर लिए गए थे चार आरोपी
- पूछताछ में सेक्टर-58 पुलिस नहीं उगलवा पाई थी वारदात
- अवैध हिरासत में रखने पर आरोपी के परिजन पहुंचे कोर्ट
- अधिकारियों समेत 17 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
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जेवर गैंगरेप केस में चौंकाने वाला मामला सामने आया है कि दरिंदगी की वारदात के बाद सेक्टर-58 पुलिस ने सात आरोपियों को वारदात करने की फिराक में घूमते हुए बीते 17 जून को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें जेवर गैंगरेप के चार आरोपी भी शामिल थे।
इसके बावजूद सेक्टर-58 पुलिस सच नहीं उगलवा पाई। अब, चार आरोपियों के मुठभेड़ में गिरफ्तार होने के बाद दो आरोपी के परिजनों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोपी के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अवैध हिरासत में रखने के बाद उनके बच्चों को फंसाया है। आरोपियों की याचिका पर कोर्ट में 4 अगस्त को सुनवाई होगी।
अधिवक्ता बलराज भाटी ने बताया कि कोर्ट में 156/3 के अंतर्गत दी गई याचिका में आरोपी राकेश की मां संतोष और उसके चचेरे भाई दीपक के पिता प्रकाश ने दावा किया कि घटना वाली रात राकेश और दीपक अपने घर थे। वह प्याज बेचने का काम करते हैं।
आरोप है कि पुलिस ने 31 मई को राकेश व दीपक को पुलिस ने घर से उठाया था। 1 जून को इसकी शिकायत रोहतक के आईजी, गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों से की गई। इन्हें 14 दिन तक अवैध हिरासत में रखा गया।
'जेल से निकलते ही पकड़ लिया'
13 जून को सात लोगों (जिनमें गैंगरेप में नामजद किए गए चार आरोपी भी शामिल थे। इनमें से तीन को पुलिस ने रविवार को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है) को सेक्टर-58 पुलिस ने लूट की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस केस में 28 जून को जमानत होने पर दीपक, राकेश और राजवीर उर्फ जय सिंह की रिहाई हुई।
चौथे आरोपी अशोक उर्फ राजू (जिसे रविवार को मुठभेड़ में पैर में गोली लगी) की 14 जुलाई को रिहाई हुई थी। पुलिस ने सभी को जेल से निकलते ही पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें अवैध हिरासत में रखा गया। परिजनों ने उस दौरान इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग से लेकर पुलिस-प्रशासन अधिकारियों से की थी।
अब आरोपी राकेश और दीपक के परिजनों की और से एसएसपी लव कुमार, एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह, जेल अधीक्षक एमएल यादव, थाना इंचार्ज फेस-2, सेक्टर-58, जेवर, जारचा आदि के 10 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।