बेकरी ब्लास्ट की सच्चाईः प्रशासन की मिलीभगत से चल रही हैं अवैध बेकरियां
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खुरेजी खास, आराम पार्क, रशीद मार्केट व परवाना रोड इलाके के रिहायशी इलाके में पचास से अधिक अवैध बेकरियां प्रशासन की मिलीभगत से चलाई जा रही हैं। पड़ोसियों ने इसके लिए एमसीडी और दिल्ली सरकार के संबंधित विभाग से लिखित में शिकायत भी की थी, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
लोगों का आरोप था कि बृहस्पतिवार हुआ हादसा प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही के कारण हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते अगर कार्रवाई की जाती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
खुरेजी खास के एक बेकरी मालिक ने बताया कि राजधानी में पहले परंपरागत भट्टियां चलाकर बिस्कुट व रस्क बनाए जाते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों के दौरान भट्टियों के बदले इंडस्ट्रियल ओवन मार्केट में आ गए। बिजली और डीजल से चलने वाले ओवन एक बड़ी अलमारी की तरह होता है।
हादसे के समय बढ़ गया था ओवन का तापमान
बड़ी-बड़ी ट्रे में लगाकर ओवन में बिस्कुट या रस्क को रख दिया जाता है, जिसमें सिकने के दौरान उसका तापमान बहुत बढ़ा दिया जाता है। एक बेकरी मालिक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह के ओवन को रिहायशी इलाके में नहीं चलाया जा सकता है। इससे न सिर्फ शोर होता है बल्कि प्रदूषण भी होता है। कई बार तापमान बढ़ने के दौरान इसके फटने की भी आशंका रहती है।
हादसे के समय बढ़ गया था ओवन का तापमान
इलाके की जिस बेकरी में हादसा हुआ, उसके ओवन में पिछले कुछ दिनों से दिक्कत चल रही थी। पड़ोस में रहने वाले एक कारीगर ने बताया कि ओवन में डीजल की खपत ज्यादा हो रही थी इस कारण उसका तापमान भी बढ़ रहा था।
बेकरी में काम करने वाले कारीगरों ने इसकी शिकायत बेकरी मालिक जाहिद से भी की थी। लेकिन जाहिद ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और बृहस्पतिवार सुबह हादसा हो गया। सूत्रों की मानें तो घायल एक कारीगर ने पुलिस को बताया है कि हादसे के समय भी ओवन का तापमान काफी अधिक हो गया था, जिसके बाद हादसा हो गया।