मां-बेटी को बांधकर छह महीने तक हैवानियत
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पीड़िता किसी तरह बच्ची को लेकर भाग निकली और दनकौर पुलिस को आपबीती सुनाई, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली तो अदालत के आदेश पर सोमवार को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
जानकारी के मुताबिक, दनकौर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी महिला अपनी बेटी के साथ 12 मार्च 2014 को दनकौर स्थित बाजार जा रही थी। जब वह दनकौर के पास पहुंची तो उसके गांव के ही धर्मवीर, बिट्टू और सिकंद्राबाद के गेसूपुर निवासी अमित और उसकी सहयोगी शालू ने उनका अपहरण कर लिया।
पुलिस ने पीड़िता के साथ ये किया
सभी लोग उन्हें एक कार में डालकर गाजियाबाद के एक मकान में लेकर गए। वहां आरोपी महिला से करीब छह माह तक रेप करते रहे। पीड़िता के विरोध करने पर वे उसे उसकी बच्ची को जान से मारने की धमकी देते थे। आरोपी दिन में दो से तीन घंटे ही बच्ची को उसके साथ रहने देते थे और फिर उसे दूसरे कमरे में बंद कर देते थे। करीब छह माह तक ऐसा चलता रहा।
एक दिन किसी तरह मौका मिलने पर महिला बच्ची को लेकर आरोपियों से बच कर भाग आई। गाजियाबाद से किसी तरह मदद लेकर वह दनकौर पहुंची और परिजनों को लेकर कोतवाली गई। पुलिस ने पूरी घटना को फर्जी बताकर उन्हें भगा दिया। इसके बाद उसने सीओ, एसपी और एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।
थक-हारकर पीड़िता कोर्ट की शरण में गई। अदालत ने महिला समेत चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद सोमवार को रिपोर्ट दर्ज की गई। एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि रिपोर्ट दर्जकर सीओ अजय कुमार को जांच सौंपी गई है।