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डेबिट कार्ड का क्लोन बना युवक के खाते से निकाले 2.64 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 13 Apr 2017 07:11 PM IST
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हैकर्स ने सारन गांव निवासी गौरव नैन के डेबिट कार्ड का क्लोन तैयार कर उनके खाते से 2.64 लाख रुपये निकाल लिए। रुपये निकलने का संदेश दो दिन बाद मोबाइल पर मिलने से ठगी का पता चला। उन्होंने ठगी में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए सूरजकुंड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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गौरव नैन के मुताबिक, उनका खाता आईसीआईसीआई बैंक की सेक्टर 21सी स्थित शाखा में है। बैंक की ओर से उन्हें डेबिट कार्ड जारी किया गया है। उनका डेबिट कार्ड उनके पास ही था। 3 अप्रैल को खाते से लिंक मोबाइल पर उनके खाते से 2.64 लाख रुपये निकलने का मैसेज आया।
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उन्होंने बैंक में जाकर पता किया तो पता चला कि 1 अप्रैल को उनके डेबिट कार्ड से 1.80 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की गई। इसी दिन एटीएम के जरिये 84 हजार रुपये निकाले गए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को बताया कि उनका डेबिट कार्ड तो उनके पास ही है, लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुनी।
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उन्हें पुलिस में जाने की सलाह देकर लौटा दिया गया। जानकारों के मुताबिक, गौरव के खाते से यह रकम या तो उनके डेबिट कार्ड का क्लोन बनाकर निकाली गई है या फिर बैंक के ही किसी कर्मचारी ने यह कारनामा अंजाम दिया है। एसएचओ सूरजकुंड इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने बताया कि मामले की जांच में साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
बैंक नियम के मुताबिक, डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर एटीएम से एक दिन में अधिकतम 24 हजार रुपये ही निकाले जा सकते हैं। इसी तरह ऑनलाइन शॉपिंग की सीमा चालीस हजार रुपये प्रतिदिन तय है। गौरव नैन के डेबिट कार्ड के जरिए एक अप्रैल को पहले 1.80 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की गई, फिर उसी दिन 84 हजार रुपये भी निकाल लिए गए।
जानकारों के मुताबिक एटीएम में ट्रांजेक्शन की रकम की सीमा बिना बैंक कर्मियों की मिलीभगत के नहीं बदली जा सकती।