फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Four arrested, including a private channel owner, the celebrities were Spying

निजी चैनल मालिक समेत चार गिरफ्तार, नामचीन हस्तियों की करते थे जासूसी

Mon, 11 Jul 2016 05:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 11 Jul 2016 05:42 AM IST
विज्ञापन
Four arrested, including a private channel owner, the celebrities were Spying
गिरफ्तार युवक - फोटो : अमर उजाला

अवैध रूप से सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाकर जासूसी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने निजी चैनल मालिक समेत चार आरोपियों को दबोचा है। 

विज्ञापन


आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी जयवीर सिंह राठौर (45), धनबाद झारखंड निवासी पंकज तिवारी (26), उत्तम नगर दिल्ली निवासी आदित्य शर्मा उर्फ अर्पित (32) और बीएलएस कंपनी के सीनियर सेल्स मैनेजर संजीव चौधरी (42) के रूप में हुई है। 
विज्ञापन


पुलिस की मानें तो जयवीर सिंह कानपुर के सर्विलांस सेल में तैनात यूपी पुलिस के सिपाही नरेंद्र की मदद से लोगों की सीडीआर निकलवाकर जासूसी एजेंसी चलाने वाले लोगों को बेचता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बीएलएस कंपनी भी कई नामचीन व्यवसायियों व लोगों की जासूसी करवाने के लिए जयवीर से सीडीआर खरीदती थी। पुलिस को कंपनी के कई अधिकारियों व मालिकों की तलाश है। 

नकली ग्राहक भेजकर कराया सीडीआर का सौदा

Four arrested, including a private channel owner, the celebrities were Spying
गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि स्कोर्पियन वेरीफिकेशन एंड कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड नामक (जासूसी एजेंसी) कंपनी चलने वाला पंकज त्यागी नामक शख्स रुपये लेकर लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड मुहैया करवा रहा है। 

अपराध शाखा ने चार जुलाई को नकली ग्राहक भेजकर सीडीआर का सौदा कर लिया। एडवांस के रूप में पंकज को नकली ग्राहक ने पांच हजार रुपये भी दे दिए। सौदा होने के बाद पंकज ने सीडीआर का सैंपल दिखाया। जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पंकज ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह सभी सीडीआर जयवीर राठौर नामक शख्स से लेता है।

जयवीर दक्षिण दिल्ली में अभीतक नामक निजी टीवी चैनल चलाने के अलावा खुद की जासूसी कंपनी भी चलाता है। सूचना के बाद जयवीर को भी दबोच लिया गया। जयवीर ने पूछताछ के बाद बताया कि वह यूपी पुलिस के सिपाही नरेंद्र की मदद से सीडीआर निकलवाता है। 

गिरफ्तारी के बाद बदल लिया था नाम

Four arrested, including a private channel owner, the celebrities were Spying
पु‌लिस - फोटो : file photo

नरेंद्र सर्विलांस सेल, आईजी ऑफिस कानपुर में तैनात है। नरेंद्र हर सीडीआर के लिए रुपये लेता है। डिटेक्टिव एजेंसियां जयवीर को मोटीरकम देने के बाद सीडीआर खरीदती थी। 

जांच के बाद पुलिस ने आदित्य शर्मा नामक फ्री लांसर पत्रकार को भी गिरफ्तार कर लिया। आदित्य शर्मा 2013 में इसी आरोप में अर्पित नाम से पहले भी गिरफ्तार हो चुका था। बाद में उसने अपना नाम बदलकर आदित्य रख लिया। 

छानबीन के बाद पुलिस ने नामी कंपनी बीएलएस मैनेजमेंट सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एक अधिकारी संजीव चौधरी को भी दबोच लिया। जयवीर ने खुलासा किया कि कंपनी के कई अधिकारी व मालिक जासूसी कराने के लिए संजीव के जरिये उससे सीडीआर निकलवाते थे।

पुलिस ने एक टीम कानपुर नरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए भेजी हुई है। वहीं बीएलएस कंपनी के अधिकारी विनोद चौधरी, सुनील पाठक व सभी मालिकों की तलाश की जा रही है।

पांच से तीस हजार रुपये में होता था सीडीआर का सौदा

Four arrested, including a private channel owner, the celebrities were Spying
गिरफ्तार युवक - फोटो : अमर उजाला

पांच से तीस हजार रुपये में होता था सीडीआर का सौदा
वैवाहिक विवादों, वित्तीय विवाद, प्रेम प्रसंग, लीगल, रंजिश या और अन्य कारणों के लिए डिटेक्टिव एजेंसियां अपने ग्राहकों के लिए मोटी रकम लेकर सीडीआर निकलवाती थी। 2013 से पूर्व दिल्ली में आसानी से इनका काम हो जाता था। 

लेकिन 2013 में बड़े पैमाने पर हुए खुलासे के बाद
दिल्ली से सीडीआर निकालना मुश्किल हो गया। ऐसे में जयवीर ने अपने भाई के जरिये कानपुर में तैनात नरेंद्र से सांठगांठ की। जयवीर दिल्ली या आसपास की डिटेक्टिव एजेंसियों के लिए पांच से 30 हजार रुपये में सीडीआर मुहैया करवा दिया करता था।

अब तक चार हजार से ज्यादा लोगों की हो चुकी है जासूसी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा है कि पिछले दो सालों के भीतर जयवीर सिंह चार हजार से अधिक लोगों की सीडीआर निकलवाकर बेच चुका है। हालांकि अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि जयवीर ने किन लोगों की कॉल डिटेल निकलवाकर बेची है।

पुलिस जयवीर से पूछताछ कर उन डिटेक्टिव एजेंसियों की लिस्ट तैयार कर रही है। जिनको जयवीर सीडीआर बेचता था। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि जयवीर ने नरेंद्र के जरिये किन-किन लोगों की सीडीआर निकलवाई।

कौन हैं पकड़े गए सभी आरोपी

Four arrested, including a private channel owner, the celebrities were Spying
गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

पंकज तिवारी उर्फ छोटू ने बीएससी (आईटी) करने के बाद दिल्ली की कई कंपनी में नौकरी की। बाद में उसने खुद की कंपनी खोलकर जासूसी का धंधा शुरू कर दिया। जयवीर के जरिये वह सीडीआर निकलवाता था। 

वहीं जयवीर ने लखनऊ से पीजीडीएम करने के बाद दिल्ली में अपना निजी टीवी चैनल अभीतक खोल लिया। इसके अलावा वह नरेंद्र के साथ मिलकर सीडीआर निकलवाकर बेचने लगा। 

दूसरी ओर आदित्य उर्फ अर्पित 2013 में भी सीडीआर निकलवाने के मामले में गिरफ्तार हुआ था। दो माह बाद जेल से आने के बाद उसने नाम बदलकर रहना शुरू कर दिया। 

वहीं संजीव चौधरी ने 2004 में बीएलएस कंपनी में नौकरी शुरू की थी। 2013 में उसकी तरक्की हो गई। इसके बाद उसने अपनी कंपनी के लिए जयवीर के जरिये सीडीआर निकलवाना शुरू कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed