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ललित हत्याकांड में पूर्व प्रधान समेत चार गिरफ्तार
अमर उजाला, मसूरी
Updated Tue, 06 Jan 2015 12:52 AM IST
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बिल्डर मैटीरियल कारोबारी ललित नागर की हत्या का खुलासा मसूरी पुलिस ने सोमवार को कर दिया। कारोबारी की हत्या इकला गांव के पूर्व प्रधान समयराज और उसके भतीजे अजयपाल ने दो सुपारी किलर से कराई थी।
10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने दोनों सुपारी किलर, पूर्व प्रधान और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व प्रधान को ललित पर बेटी गायब करने और उसकी मुखबिरी करने का शक था। पुलिस इसे गैंगवार से भी जोड़कर देख रही है।
एसएचओ वीरेंद्र यादव ने बताया कि अजयपाल की दोस्ती डासना जेल में हत्या के मामले में बंद मनोज से है। मनोज ने पूर्व में लोनी के चिरोड़ी गांव में रहने वाले एक मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे ने बदला लेने के लिए मनोज के भाई विनोद की दिनदहाडे़ हत्या कर दी थी। मनोज को शक था कि ललित ने विनोद की हत्या में मुखबिरी की थी।
मनोज से मिलने के लिए अजयपाल हर तारीख पर कोर्ट जाता था। अजयपाल की फुफेरी बहन (समयराज की बेटी) आठ माह पूर्व अमित नाम के युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी। अमित व ललित दोस्त हैं।
अजयपाल को शक था कि ललित ने ही अमित की भी मदद की है। बदला लेने के लिए अजयपाल ने मनोज से मदद मांगी। मनोज ने अजयपाल को सुपारी किलर कुलदीप उर्फ भीम और मोनू निवासी करावल नगर दिल्ली का मोबाइल नंबर दिया था।
अजयपाल ने अपने फूफा समयराज के साथ मिलकर ललित की हत्या की प्लानिंग की। ललित की हत्या के लिए 10 लाख की रकम बतौर सुपारी तय की गई। एडवांस के तौर पर 60 हजार रुपए समयराज ने कुलदीप को दिए।
10 दिसंबर को सुपारी किलर कुलदीप और मोनू ने घर के नजदीक ललित की हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद समयराज ने बाकी की रकम नहीं दी। कई बार सुपारी किलर्स को उसने रकम देेने के लिए अलग अलग तारीख दी।
सोमवार को दोनों सुपारी किलर पैसे लेने के लिए समयराज के पास आए थे, लेकिन रकम देने की बजाय उसने अगली तारीख दे दी।
मामले की सूचना मुखबिर के जरिए मसूरी पुलिस को पहले ही लग गई थी। मसूरी पुलिस ने दोनों किलर्स और पूर्व प्रधान समेत उसके भतीजे को भी गिरफ्तार कर लिया।
10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने दोनों सुपारी किलर, पूर्व प्रधान और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व प्रधान को ललित पर बेटी गायब करने और उसकी मुखबिरी करने का शक था। पुलिस इसे गैंगवार से भी जोड़कर देख रही है।
एसएचओ वीरेंद्र यादव ने बताया कि अजयपाल की दोस्ती डासना जेल में हत्या के मामले में बंद मनोज से है। मनोज ने पूर्व में लोनी के चिरोड़ी गांव में रहने वाले एक मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे ने बदला लेने के लिए मनोज के भाई विनोद की दिनदहाडे़ हत्या कर दी थी। मनोज को शक था कि ललित ने विनोद की हत्या में मुखबिरी की थी।
मनोज से मिलने के लिए अजयपाल हर तारीख पर कोर्ट जाता था। अजयपाल की फुफेरी बहन (समयराज की बेटी) आठ माह पूर्व अमित नाम के युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी। अमित व ललित दोस्त हैं।
अजयपाल को शक था कि ललित ने ही अमित की भी मदद की है। बदला लेने के लिए अजयपाल ने मनोज से मदद मांगी। मनोज ने अजयपाल को सुपारी किलर कुलदीप उर्फ भीम और मोनू निवासी करावल नगर दिल्ली का मोबाइल नंबर दिया था।
अजयपाल ने अपने फूफा समयराज के साथ मिलकर ललित की हत्या की प्लानिंग की। ललित की हत्या के लिए 10 लाख की रकम बतौर सुपारी तय की गई। एडवांस के तौर पर 60 हजार रुपए समयराज ने कुलदीप को दिए।
10 दिसंबर को सुपारी किलर कुलदीप और मोनू ने घर के नजदीक ललित की हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद समयराज ने बाकी की रकम नहीं दी। कई बार सुपारी किलर्स को उसने रकम देेने के लिए अलग अलग तारीख दी।
सोमवार को दोनों सुपारी किलर पैसे लेने के लिए समयराज के पास आए थे, लेकिन रकम देने की बजाय उसने अगली तारीख दे दी।
मामले की सूचना मुखबिर के जरिए मसूरी पुलिस को पहले ही लग गई थी। मसूरी पुलिस ने दोनों किलर्स और पूर्व प्रधान समेत उसके भतीजे को भी गिरफ्तार कर लिया।