कर्ज नहीं चुकाया तो अस्पताल में भर्ती युवक को उठा ले गए सूदखोर
बडे़ नोट बंद होने के बाद धन की तंगी से जूझ रहे सूदखोरों ने कर्ज नहीं वापस करने पर अस्पताल में भर्ती युवक का अपहरण कर लिया। परिजनों पर मूलधन और ब्याज चुकाने का दबाव बनाने के लिए सूदखोरों ने बीमार युवक के साथ मारपीट भी की। भाई की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने आनन फानन दबिश देकर युवक को छुड़ाया और तीन आरोपियों को पकड़ा।
जवाहर कॉलोनी में रहने वाले लोकेश ने कुछ दिन पहले संजय कॉलोनी में रहने वाले अजय से ब्याज पर 45 हजार रुपये कर्ज लिया था। किसी कारण से लोकेश सूदखोरों को उनकी रकम लौटा नहीं पा रहा था। भाई योगेंद्र के मुताबिक इस पर अजय उसका साथी कमल और धीरज उसके भाई को लगातार परेशान कर रहे थे। कुछ दिन से लोकेश बीमार चल रहा था।
परिजनों ने उसे इलाज के लिए सेक्टर-15 स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। योगेंद्र का आरोप है कि सोमवार को अजय, कमल और धीरज कार से नर्सिंग होम पहुंचे और उसे जबरन बेड से उठा कर अपने साथ ले गए। आरोप है कि तीनों ने संजय कॉलोनी में ले जाकर लोकेश की जमकर पिटाई की। इधर योगेंद्र ने तुरंत पुलिस को भाई के अगवा किए जाने की सूचना दी।
हरकत में आई पुलिस ने फौरन ही अजय के संजय कॉलोनी आवास पर दबिश दी और वहां से लोकेश को बरामद किया। तीनों आरोपी भी पुलिस को मिल गए। पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त कार भी कब्जे में ले ली। मामले की जांच कर रहे सेंट्रल थाने के एएसआई रमेश चंद ने बताया कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।