फर्जी जज ने दो महीने में सैकड़ों को दी जमानत
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दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में कार चोरी के आरोप में पकड़ा गया धनीराम हर दिन नया खुलासा कर रहा है। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया है कि फर्जी कागजात के जरिये वह दो माह के लिए झज्जर कोर्ट का जज बन गया था और इस दौरान उसने सैकड़ों लोगों को जमानत दे दी।
हालांकि पुलिस इस फर्जी जज के खुलासे पर यकीन नहीं कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धनीराम के खुलासे की जांच की जा रही है। उसके बाद ही इसकी सच्चाई सामने आएगी।
पुलिस के अनुसार गत 5 नवंबर को पंजाबी बाग स्थित श्मशान घाट के पास पुलिस ने 77 वर्षीय धनीराम को कार चोरी करते हुए रंगेहाथ पकड़ा। धनीराम मोहन नगर सोनीपत का रहने वाला है। पूछताछ में धनीराम ने बताया कि उस पर वाहन चोरी और फर्जीवाड़े के 21 मामले दर्ज हैं।
दो माह के लिए जज बना
धनीराम ने बताया कि वह छह साल तक रेलवे में बतौर स्टेशन मास्टर काम कर चुका है। अब उसने खुलासा किया है कि वह फर्जी कागजात के जरिये झज्जर कोर्ट में दो माह के लिए जज बन गया था।
पूछताछ में उसने बताया कि झज्जर कोर्ट के एक एडिशनल सेशन जज पर विभागीय जांच चल रही थी। इस बात का फायदा उठाकर उसने एक फर्जी कागजात तैयार किया और इस कागजात के जरिये उसने उस जज को छुट्टी पर भेज दिया।
उसके बाद उसने एक और फर्जी कागजात तैयार किया जिसके जरिये खुद को उस कोर्ट का जज बना दिया। धनीराम के मुताबिक वह करीब दो माह तक वहां जज के पद पर कार्यरत रहा और इस दौरान उसने कई सौ लोगों को जमानत दे दी। हालांकि पुलिस उसके इस खुलासे पर यकीन नहीं कर रही है।