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फर्जी कैबिनेट मंत्री का बेटा भी निकला जालसाज
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 07 Oct 2015 12:42 AM IST
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फर्जी कैबिनेट मंत्री अमरनाथ झा का बेटा भी जालसाज निकला। आरोप है कि पिता को कैबिनेट मंत्री बताकर वह उत्तर प्रदेश में किसी भी काम को करवा लेने का दम भरता था।
झांसे में आए दिल्ली के अनिल चौहान ने अपने बेटे को आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर की नौकरी दिलवाने के लिए अमरनाथ को दो लाख रुपये दिए थे।
‘अमर उजाला’ में छपी खबर को पढ़कर अमरनाथ की असलियत का पता चला तो अनिल ने कविनगर थाने में अमरनाथ झा और उसके बेटे के खिलाफ दो लाख रुपये हड़पने का मामला दर्ज कराया है।
अनिल चौहान ने बताया कि वह दिल्ली नंदनगरी में रहते हैं। दिल्ली के एक अस्पताल में वार्ड ब्वॉय की नौकरी करते हैं। उनका बेटा विशाल बीकॉम पास है।
लोनी में उनकी रिश्तेदारी है, वहां पर एमएमएच कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर अमरनाथ झा का बेटा एक स्कूल में अध्यापक है। वह स्कूल में कहता था कि उसके पिता कैबिनेट मंत्री हैं, उत्तर प्रदेश में कुछ भी करवा सकते हैं।
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अनिल को यह बात पता चली तो वह अमरनाथ के बेटे से मिले। उसने अनिल को अपने पिता का विजिटिंग कार्ड थमाया, इसके बाद अनिल ने अमरनाथ के बेटे से अपने बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए कहा।
जनवरी 2015 में अनिल अपने बेटे और एक रिश्तेदार के साथ अमरनाथ झा के घर गोविंदपुरम गए। अमरनाथ झा ने अनिल के बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया, बदले में दो लाख रुपये अनिल से लिए।
अनिल ने बताया कि 18 सितंबर को अमरनाथ झा के फर्जी कैबिनेट मिनिस्टर होने की खबर प्रकाशित हुई तो उसकी असलियत पता चली।
एसएसपी के निर्देश पर मंगलवार को कविनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि अमरनाथ झा एमएमएच कॉलेज से रिटायर्ड प्रोफेसर है।
राज्यपाल और प्रमुख सचिव के नाम से एक फर्जी शासनादेश तैयार कर अमरनाथ ने खुद को कैबिनेट मंत्री बताया था। एक लेटर गनर मांगने के लिए उसने डीएम को दिया था।
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झांसे में आए दिल्ली के अनिल चौहान ने अपने बेटे को आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर की नौकरी दिलवाने के लिए अमरनाथ को दो लाख रुपये दिए थे।
‘अमर उजाला’ में छपी खबर को पढ़कर अमरनाथ की असलियत का पता चला तो अनिल ने कविनगर थाने में अमरनाथ झा और उसके बेटे के खिलाफ दो लाख रुपये हड़पने का मामला दर्ज कराया है।
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अनिल चौहान ने बताया कि वह दिल्ली नंदनगरी में रहते हैं। दिल्ली के एक अस्पताल में वार्ड ब्वॉय की नौकरी करते हैं। उनका बेटा विशाल बीकॉम पास है।
लोनी में उनकी रिश्तेदारी है, वहां पर एमएमएच कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर अमरनाथ झा का बेटा एक स्कूल में अध्यापक है। वह स्कूल में कहता था कि उसके पिता कैबिनेट मंत्री हैं, उत्तर प्रदेश में कुछ भी करवा सकते हैं।
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अनिल को यह बात पता चली तो वह अमरनाथ के बेटे से मिले। उसने अनिल को अपने पिता का विजिटिंग कार्ड थमाया, इसके बाद अनिल ने अमरनाथ के बेटे से अपने बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए कहा।
जनवरी 2015 में अनिल अपने बेटे और एक रिश्तेदार के साथ अमरनाथ झा के घर गोविंदपुरम गए। अमरनाथ झा ने अनिल के बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया, बदले में दो लाख रुपये अनिल से लिए।
अनिल ने बताया कि 18 सितंबर को अमरनाथ झा के फर्जी कैबिनेट मिनिस्टर होने की खबर प्रकाशित हुई तो उसकी असलियत पता चली।
एसएसपी के निर्देश पर मंगलवार को कविनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि अमरनाथ झा एमएमएच कॉलेज से रिटायर्ड प्रोफेसर है।
राज्यपाल और प्रमुख सचिव के नाम से एक फर्जी शासनादेश तैयार कर अमरनाथ ने खुद को कैबिनेट मंत्री बताया था। एक लेटर गनर मांगने के लिए उसने डीएम को दिया था।