सट्टा रैकेट चलाने से डीपी यादव का इनकार, रिश्तेदारों से भी पूछताछ करेगी पुलिस
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सभी आरोपों को नकारते हुए पूर्व सांसद डीपी यादव का कहना है कि न तो वह कोई सट्टा रैकेट चलाता है और न ही किसी से कोई प्रोटेक्शन मनी लेता है।
पूर्व सांसद से पूछताछ के बाद पुलिस अब पूर्व में गिरफ्त में आए मकोका के आरोपी रोशन लाल वर्मा और अमरनाथ बजाज की रिमांड लेकर डीपी यादव से उनका आमना-सामना कराने की तैयारी कर रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो यादव के कुछ रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2015 में पुलिस ने भजनपुरा इलाके से चार नाबालिगों समेत 14 लोगों को सट्टा चलाने के आरोप में दबोचा था।
इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने 24 सितंबर 2015 को रोशनलाल और अमरनाथ को भी दबोच लिया। 27 नवंबर 2015 को आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज किया गया।
'अपने गुर्गों के जरिये प्रोटेक्शन मनी वसूल कर रहे थे डीपी यादव'
जांच में आरोपियों ने बताया कि रोशनलाल, अमरनाथ और योगेश्वर डीपी यादव के संरक्षण में कई राज्यों में सट्टे का धंधा चला रहे हैं। ये लोग रोजाना डीपी यादव को दो लाख रुपये प्रोटेक्शन मनी के रूप में दे रहे थे।
अमरनाथ और रोशनलाल के आरोपों के बाद पुलिस ने मकोका का मामला दर्ज कर डीपी यादव को इसमें गिरफ्तार किया है। इधर, मामले की छानबीन कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बात की पूरी आशंका है कि जेल में बंद होने के बाद डीपी यादव अपने गुर्गों के जरिये प्रोटेक्शन मनी वसूल कर रहे थे।
छानबीन के दौरान यादव के कुछ करीबी रिश्तेदारों का भी पुलिस को पता चला है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि अमरनाथ और रोशनलाल की गिरफ्तारी के बाद योगेश्वर ने ही सट्टा रैकेट की कमान संभाली हुई है। पुलिस योगेश्वर की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।