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सजा कम कराने को बनाया फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

Fri, 20 Dec 2013 05:22 PM IST
अमर उजाला, फरीदाबाद
अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 20 Dec 2013 05:22 PM IST
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Designed ??fake birth certificate to reduce punishment

एसजीएम नगर थाना पुलिस ने बीके अस्पताल के एक डॉक्टर व दो कर्मचारियों पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला दर्ज किया है।

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इस प्रमाण पत्र का प्रयोग कुकर्म व हत्या के एक दोषी को बचाने के लिए किया गया था। दोषी को 2004 में फरीदाबाद की अदालत ने फांसी की सुजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पलवल के एक गांव में 26 जनवरी 2002 को छह वर्षीय बच्चे की कुकर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में गांव के ही रतनलाल उर्फ रतन सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2004 में फरीदाबाद की जिला अदालत ने रतनलाल को दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुनाई।
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दोषी के पिता रंगलाल ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने साल 2006 में रतनलाल की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया।

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पीड़ित के चाचा ने बताया कि रतनलाल के पिता रंगलाल ने बीके अस्पताल के डॉक्टर राजीव बातिश व कर्मचारियों सरोज राठी व अंजू के साथ मिलीभगत करके रतनलाल को नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया।

आरोप है कि रतनलाल की जन्म तिथि 8-1-1983 प्राइमरी स्कूल बासवा में दर्ज है। जबकि जन्म प्रमाण पत्र 26-8-1986 का बनवाया गया है।

बीके अस्पताल के रिकॉर्ड में 26-8-1986 को पेज संख्या 20 रजिस्टर संख्या 36 पर पहले धनवती पुत्री रंगलाल गांव बासवा का नाम था।

अब उसकी कटिंग करके उस जगह पर रतन लाल पुत्र रंगलाल का नाम दर्ज कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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