पैसों के लिए अपराधी बन गए पुलिसवाले, 4 अरेस्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इलाहाबाद के कूरियर कारोबारी के कर्मचारी का अपहरण कर उससे 50 लाख रुपये लूटने की गुत्थी को सुलझा लिया है।
बृहस्पतिवार को इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा पुलिस का जवान सुरेंद्र कुमार वर्मा, दिल्ली पुलिस का जवान राजबहादुर और एक रेलवे कॉन्ट्रैक्टर शामिल है।
इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त दो कार, लूटी गई रकम में से 12 लाख रुपये, डेढ़ लाख का सामान, दिल्ली पुलिस की यूनिफॉर्म और चार मोबाइल बरामद किए गए हैं।
पार्सल में थे 50 लाख
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार नैनी कॉटन मिल कॉलोनी, इलाहाबाद निवासी व पार्सल कंपनी मालिक राजेंद्र कुमार सिंह के कर्मचारी ऋषिचंद यादव ने 22 अप्रैल को कमला मार्केट थाने में दी शिकायत में बताया था कि वह रेलवे स्टेशन से कोरियर लेता है और अलग-अलग लोगों को देता है।
13 अप्रैल को उसने राजेंद्र द्वारा प्रयागराज एक्सप्रेस से इलाहाबाद से दिल्ली भेजे पार्सल को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कलेक्ट किया। पार्सल में 50 लाख रुपये थे।
जब वह पार्सल लेकर रिक्शे से पहाड़गंज की ओर जा रहा था तभी रास्ते में चार-पांच लोगों ने उसे रोक लिया और खुद को अपराध शाखा का जवान बताते हुए उससे पार्सल ले लिया।
पुलिस की वर्दी में की थी लूट
इनमें से दो लोगों ने दिल्ली पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। इस दौरान आरोपियों ने ऋषि का अपहरण कर लिया और मारपीट कर उसे सूरजकुंड, फरीदाबाद में कार से धक्का देकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि लूटपाट में शामिल तीन लोग सिब्बल सिनेमा, बदरपुर के पास आने वाले हैं।
इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर महेंद्रगढ़ (हरियाणा) निवासी सुरेंद्र कुमार वर्मा (30), फरीदाबाद निवासी संजय उर्फ धर्मवीर (39) और डीएलएफ अंकुर विहार लोनी (गाजियाबाद) निवासी वासुदेव प्रसाद (35) को धर दबोचा।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि इलाहाबाद निवासी भोला ने रेलवे कॉन्ट्रैक्टर वासुदेव को दिल्ली में 50 लाख रुपये पार्सल पहुंचने की सूचना दी थी।
वासुदेव के कहने पर सुरेंद्र, राजबहादुर, संजय, मनीष और गुड्डू दो गाड़ियों से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे। राजबहादुर और सुरेंद्र ने दिल्ली पुलिस की यूनिफॉर्म पहन रखी थी। आरोपियों ने पीड़ित को कमला मार्केट इलाके में घेर लिया और कोरोला में डालकर फरीदाबाद ले गए थे।
आरोपियों ने बताया कि पार्सल में सिर्फ 43 लाख रुपये थे। उन्होंने फरीदाबाद में लूट की रकम बांटी थी। सुरेंद्र व संजय के खुलासे के बाद पुलिस ने दिल्ली पुलिस के जवान राजबहादुर को गिरफ्तार कर लिया।
ऑन ड्यूटी था हरियाणा पुलिस का जवान
लूट में शामिल हरियाणा पुलिस का जवान सुरेंद्र कुमार वर्मा वारदात के वक्त ऑन ड्यूटी था। उसकी ड्यूटी चुनाव में चल रही थी। वह वर्ष 2004 में हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। इस समय सुरेंद्र भूपानी, फरीदाबाद थाने में तैनात था।
वह पहले भी छेड़छाड़ और चोट पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वह संजय और मनीष का दोस्त है। वारदात के समय उसने दिल्ली पुलिस की वर्दी पहन रखी थी।
वहीं, राजबहादुर उर्फराजू 2008 में दिल्ली पुलिस में बतौर सिपाही (ड्राइवर) भर्ती हुआ था। उसकी तैनाती पीसीआर के नॉर्थ-ईस्ट जॉन में थी। पुलिस के अनुसार राजबहादुर को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी संजय अपने साथियों को खुद को हरियाणा पुलिस की अपराध शाखा का अधिकारी बताता था। पुलिस वारदात में शामिल तीन आरोपी भोला, मनीष और गुड्डू की तलाश कर रही है।