{"_id":"142a1a5e4fd974a1ccee83b6585398ef","slug":"co-said-euthanasia-sought-go-die-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इच्छा मृत्यु मांगी तो सीओ बोले-जाओ मर जाओ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इच्छा मृत्यु मांगी तो सीओ बोले-जाओ मर जाओ
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल फीस जमा न कर पाने पर स्कूल से बच्चों को निकालने का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। स्कूल की हरकत से क्षुब्ध पैरेंट्स बच्चों समेत इच्छा मृत्यु मांगने सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंच गए। लेकिन वहां मौजूद सीओ की बात सुनकर वे हक्के बक्के रह गए।
पैरेंट्स का आरोप है कि सीओ ने उनसे कहा- अनुमति की क्या आवश्यकता है..जाओ, जाकर मर जाओ। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने पैरेंट्स को आश्वासन दिया है कि दो दिन में फीस मामले की जांच की जाएगी।
विजयनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी राजेश मिश्रा और उनकी पत्नी केतकी मिश्रा अपने दोनों बच्चों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। केतकी ने बताया कि कक्षा एक से ही उनके दोनों बच्चे विजयनगर स्थित जेकेजी स्कूल में पढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विगत कुछ माह से आर्थिक तंगी के चलते वह बच्चों की स्कूल फीस नहीं दे पाए। इस पर स्कूल प्रशासन ने बच्चों को परेशान करना शुरू कर दिया।
उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी का हवाला देकर स्कूल प्रशासन से फीस माफ करने की गुहार लगाई, मगर स्कूल ने उनकी नहीं सुनी। आरोप है कि 26 अक्तूबर को दोनों बच्चों को कक्षा से बाहर निकालकर ग्राउंड में खड़ा करके बेइज्जत किया गया।
उन्हें स्कूल का ड्राइवर वैन में बैठाकर वापस घर छोड़ गया। केतकी का कहना था कि बच्चों की पढ़ाई अब पूरी तरह से ठप हो गई है, ऐसे में वह अपने परिवार के साथ इच्छा मृत्यु मांगने आई हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ब्रह्मदेव सिंह ने आश्वासन दिया है कि वह पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे।
सीओ बोले-आरोप निराधार मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा
इन आरोपों को सीओ ने निराधार बताया है। उनका कहना है कि परिवार सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने गया था, उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बोला है।
उधर, पैैरेंट्स का आरोप है कि जब वे सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचे तो वहां सीआ भी बैठे थे। इच्छा मृत्यु की अनुमति की बात कहते ही सीआे भड़क उठे।
उन्होंने कहा कि यदि मरना ही है तो परमिशन की क्या जरूरत है। जाओ, जाकर मर जाओ। हमने विरोध किया तो वे हमें जोर जोर से डांटने लगे।
विज्ञापन
पैरेंट्स का आरोप है कि सीओ ने उनसे कहा- अनुमति की क्या आवश्यकता है..जाओ, जाकर मर जाओ। उधर, सिटी मजिस्ट्रेट ने पैरेंट्स को आश्वासन दिया है कि दो दिन में फीस मामले की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विजयनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी राजेश मिश्रा और उनकी पत्नी केतकी मिश्रा अपने दोनों बच्चों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। केतकी ने बताया कि कक्षा एक से ही उनके दोनों बच्चे विजयनगर स्थित जेकेजी स्कूल में पढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विगत कुछ माह से आर्थिक तंगी के चलते वह बच्चों की स्कूल फीस नहीं दे पाए। इस पर स्कूल प्रशासन ने बच्चों को परेशान करना शुरू कर दिया।
उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी का हवाला देकर स्कूल प्रशासन से फीस माफ करने की गुहार लगाई, मगर स्कूल ने उनकी नहीं सुनी। आरोप है कि 26 अक्तूबर को दोनों बच्चों को कक्षा से बाहर निकालकर ग्राउंड में खड़ा करके बेइज्जत किया गया।
उन्हें स्कूल का ड्राइवर वैन में बैठाकर वापस घर छोड़ गया। केतकी का कहना था कि बच्चों की पढ़ाई अब पूरी तरह से ठप हो गई है, ऐसे में वह अपने परिवार के साथ इच्छा मृत्यु मांगने आई हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ब्रह्मदेव सिंह ने आश्वासन दिया है कि वह पूरे प्रकरण की जांच कराएंगे।
सीओ बोले-आरोप निराधार मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा
इन आरोपों को सीओ ने निराधार बताया है। उनका कहना है कि परिवार सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने गया था, उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बोला है।
उधर, पैैरेंट्स का आरोप है कि जब वे सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचे तो वहां सीआ भी बैठे थे। इच्छा मृत्यु की अनुमति की बात कहते ही सीआे भड़क उठे।
उन्होंने कहा कि यदि मरना ही है तो परमिशन की क्या जरूरत है। जाओ, जाकर मर जाओ। हमने विरोध किया तो वे हमें जोर जोर से डांटने लगे।