पेट्रोल पंप पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड यूज करने से बचें
आशीष चुराए गए डाटा को कमल और राजेश को देता था। दोनाें उसके आधार पर कार्ड का क्लोन तैयार कर लेते थे। आधी रात को मंकी कैप पहनकर सुनसान जगह पर एटीएम से रुपये निकाले जाते थे।
आधी रात को रकम इसलिए निकाली जाती थी कि अगर किसी के पास रुपये निकालने का मैसेज भी आए तो आधी रात को वह इस पर गौर नहीं करेगा। पुलिस गैंग के लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
ऐसे लगाई जाती थी ग्राहकों को चपत
पुलिस ने होंडा सिटी कार में आए तीनों आरोेपियों को दबोच लिया। इनसे पूछताछ में सरोजनी नगर की एक वारदात का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि आशीष दिल्ली के एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारी है। उसने ऑनलाइन एक स्किमिंग मशीन (कार्ड का डाटा चुराने वाली मशीन) मंगाई थी।
कार्ड से पेट्रोल डलवाने वाले ग्राहकों का डाटा इस मशीन के जरिए बड़ी आसानी से चुरा लिया जाता था। बाद में जब ग्राहक पेट्रोल पंप की मशीन में कार्ड का पिन नंबर डालता था। उसे देखकर लिख लिया जाता था।