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तिहाड़ जेल से गैंग ऑपरेट करता था छोटू पहाड़ी

Tue, 05 Jan 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Tue, 05 Jan 2016 12:58 AM IST
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chhotu pahadi gang was operating from Tihar Jail.
छोटू पहाड़ी करीब 5 साल पहले दिल्ली एनसीआर में हवाला का पैसा और सोना
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लूटने वाले बदमाश डिंपल त्यागी का शूटर रह चुका है। पैरोल पर आने से पहले छोटू तिहाड़ जेल में बंद रहने के बावजूद गैंग ऑपरेट करता था।

पुलिस की माने तो छोटू ने डिंपल त्यागी के साथ मिलकर हत्या और लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया। दिल्ली के चावड़ी बाजार में प्रापर्टी डीलर विजय यादव की हत्या अपने साथी देशराज के साथ करने पर छोटू का नाम प्रकाश में आया था।

पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया था। बिल्लू ने गाजियाबाद के शास्त्रीनगर में पूर्व पार्षद और बिल्डर हरिमोहन कौशिक की हत्या की वारदात को भी अंजाम दिया था। कविनगर पुलिस बिल्लू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

छोटू पहाड़ी बोला : साहब! चाहूं भी तो न छोड़ पाऊंगा जरायम की दुनिया
जनगर में एसएसपी आवास के सामने बैंक के बाहर 1.08 करोड़ लूटने वाले छोटू पहाड़ी का दावा है कि पत्नी की खातिर अब वह जरायम की दुनिया से अलग होना चाहता है, लेकिन संगत अलग होने नहीं देती।

रविवार रात रिमांड के बाद पुलिस उसे तिहाड़ जेल में छोड़ने गई तो उसने दुखड़ा सुनाया। उसने परिवार के कई राज खोले और बताया कि उसकी औलाद नहीं है। पत्नी बीमार है और उसकी फेलोपियन ट्यूब निकाल दी गई हैं।
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जेल में बंद होने की वजह से गैंग के लोग ही पत्नी तक पैसे पहुंचाते हैं। उनका इतना कर्ज हो जाता है कि जेल से बाहर निकलकर फिर अपराध करना पड़ता है।

बता दें कि छोटू पहाड़ी को कविनगर पुलिस ने रविवार को आठ घंटे की रिमांड पर लेकर पांच लाख रुपये बरामद किए थे।

उसने दावा किया कि पैरोल जंप कर दिल्ली के केशवपुरम में छह जून को उसने गैंग के साथ 2.20 करोड़ रुपये लूटे थे, मगर बैग छोटा होने की वजह से एक करोड़ रुपये वहीं छोड़ गए थे।
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एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि हितेंद्र सिंह उर्फ दीपक उर्फ छोटू पहाड़ी लोनी के रामप्रस्थ एक्सटेंशन में रहता था। वह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है।

1998 में उसका भाई बिरजू पहाड़ी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था। 2002 से छोटू पहाड़ी ने दिल्ली में दो हत्या कर लूट की थी, तभी से यह अपराध कर रहा है।

उन्होंने बताया कि छोटू हत्या के मामले में सात साल से तिहाड़ जेल में बंद था। वर्ष 2014 के अप्रैल माह में जेल से 5 दिन के  लिए पैरोल पर अपने साथी देशराज के साथ जेल से बाहर आया था। इसके बाद दोनों कोर्र्ट में पेश नहीं हुए थे। सितंबर 2014 में छोटू को दिल्ली पुलिस की क्राइम सेल ने पकड़ा था।  

देशराज से बरामद किए दो लाख
छोटू पहाड़ी के साथी देशराज को भी पुलिस ने रिमांड पर लिया था, जिससे दो लाख रुपये बरामद किए गए थे।

डांस-बार में उड़ाई रकम, मंदिरों में भी किया दान
पहाड़ी की माने ने उसने मंदिरों में काफी पैसा दान किया। वह नेपाल पशुपतिनाथ मंदिर भी गया। इसके अलावा गैंग के साथियों के साथ उसने डांस बार में जाकर अय्याशी के लिए रुपये उड़ाए।


गोविंदपुरम में किराए पर लिया था कमरा
छोटी पहाड़ी ने वारदात करने के लिए गोविंदपुरम में किराए पर कमरा लिया था, जिसमें वह पांच लुटेरों के साथ रहता था। वे बैंकों के बाहर रेकी करते रहते थे। तीन बाइक पर छह लुटेरों ने दो जून को दिनदहाड़े एसएसपी आवास के सामने बैंक के बाहर बिल्डर अजय गर्ग के नौकरों से एक करोड़ आठ लाख रुपये लूटे थे।
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