छोटा राजन ने विदेश भागने के लिये किया था फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल
गैंगस्टर छोटा राजन ने विदेश भागने के लिये फर्जी पासपोर्ट व फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था। राजन पर हत्या समेत दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। सीबीआई ने यह दलील राजन के खिलाफ आरोपों पर बहस करते हुये दी।
सीबीआई ने छोटा राजन को फर्जी पासपोर्ट जारी किये जाने के मामले में छोटा राजन व तीन सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों जयाश्री दत्तात्रेय रहाते, दीपक नटवरलाल शाह व ललिता लक्ष्मणन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल में बंद छोटा राजन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने बचाव की दलीलें सुनने के लिये 23 मई की तारीख तय की है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार के समक्ष आरोपों पर बहस करते हुये एजेंसी ने कहा कि मामले में आरोपी तीनों रिटायर सरकारी अधिकारियों ने अपराधिक साजिश के तहत कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन किया और छोटा राजन को किसी मोहन कुमार के नाम से पासपोर्ट जारी किया जबकि वास्तव ऐसा कोई आदमी था ही नहीं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट के समक्ष पेश हुआ छोटा राजन
सीबीआई ने अपनी दलीलों में कहा कि राजन पर हत्या व रंगदारी जैसे अनेकों मामले थे और उसके खिलाफ 1995 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसलिये उसने विदेश भागने के लिये फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया। राजन से बरामद दस्तावेजों में उसने मोहन कुमार के नाम का इस्तेमाल किया है।
एजेंसी ने कहा कि चुनाव आयोग ने भी किसी मोहन कुमार को कोई वोटर आईकार्ड दिये गये पते पर जारी करने की बात से इंकार किया है। उसके नाम से कोई राशन कार्ड भी जारी नहीं किया गया है।
यह जानकारी होते हुये भी आरोपी अधिकारियों ने छोटा राजन को पासपोर्ट जारी कर उसे फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने में मदद की। सीबीआई ने अपनी बहस पूरी करते हुये बुधवार को कहा कि छोटा राजन के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिये पर्याप्त साक्ष्य हैं।