फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   cheque is getting bounced of rent in noida

चेक बाउंस कराकर किरायेदार दे रहे बिजली का झटका

Sat, 29 Oct 2016 12:03 AM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 29 Oct 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
cheque is getting bounced of rent in noida

केस एक : नोएडा के सेक्टर-52 में दिल्ली निवासी अरविंद कुमार का एक मकान है। इसमें पिछले दो साल से एक महिला पीजी चलाती थीं। पिछले माह महिला मकान खाली करके वह चली गई। इसके एक माह बाद मकान मालिक के नाम पर पौने तीन लाख रुपये का बिल पहुंचा। जिसे देख मकान मालिक परेशान हो गए। उन्होंने शिकायत विद्युत विभाग में दी तो पता चला कि हर बार महिला चेकजमा कर देती थीं और उससे कनेक्शन नहीं कटता था। इस तरह से महिला ने चेक बाउंस कराकर बिजल का पौने तीन लाख रुपये बिल छोड़कर भाग गई।

विज्ञापन


केस दो : दिल्ली निवासी आरके जैन का नोएडा के सेक्टर-48 में मकान है। दो माह पहले पीजी संचालक ने मकान खाली किया था। उस समय बिजली का बिल पूरा जमा करके रसीद दी गई थी। मगर सितंबर में उनके पास 88 हजार रुपये का बिल आया है। वह बिजली का बिल लेकर विद्युत विभाग के आफिस गए तो पता चला कि उक्त पीजी संचालक ने चेक देकर पेमेंट जमा किया और पीजी को खाली करके चला गया। पीजी संचालक का चेक बाउंस हो गया था। जबकि पीजी छोड़ने से पहले उसने मकान मालिक को बिजली का बकाया चुकता होने का बिल दिया था।
विज्ञापन


केस तीन : गुड़गांव निवासी एसबी निगम का सेक्टर-27 में मकान है। जिसे उन्होंने एक पीजी संचालक को किराये पर दिया था। करीब तीन साल में उन्हें कोई परेशानी नहीं आई थी। 15 सितंबर को पीजी संचालक ने मकान खाली करते वक्त बिजली का बिल भुगतान दिखाया था। मगर उसके जाने के बाद करीब 45 हजार रुपये का बिजली बिल आया। जब बिल लेकर सेक्टर-18 के आफिस पहुंचे तो देखा कि चेक से बिजली की पेमेंट की गई थी और जो बाद में बाउंस हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


किरायेदारों पर न छोड़े किसी भी बिल की जिम्मेदारी
अगर नोएडा में आपका मकान है और उसे आपने किराये पर दे रखा है तो भी बिजली का बिल स्वयं भरें। अगर आपने मकान की बिजली, पानी या अन्य कोई बिल के भुगतान की जिम्मेदारी किरायेदार पर छोड़ दी तो आपको धोखा भी मिल सकता है। नोएडा में पिछले कुछ दिनों में इसी तरह का 50 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। जिसमें लोगों ने मकान का बिल चेक द्वारा जमा कर दिया और मकान छोड़कर चले गए। लेकिन बाद में चेक बाउंस हो गया और बिल अब मकान मालिकों को भरना पड़ रहा है।

बाउंस चेक बाद क्यों नहीं हुई कार्रवाई
बिजली विभाग के सूत्रों की माने तो यदि किसी व्यक्ति द्वारा चेक से बिजली को बिल जमा किया है तो उस बिल को 20 से 25 दिन में विभाग पकड़ सकता है। अगर इस बीच विभाग सही प्रकार से काम करता है तो चेक बाउंस होने पर कनेक्शन काटा जा सकता है। यदि बिजली कर्मचारी या अधिकारी द्वारा चेक बाउंस होने के बाद भी कनेक्शन नहीं काटा गया है तो यह उसकी लापरवाही या फिर गड़बड़झाला हो सकता है। नोएडा में करीब 50 से अधिक इस तरह के मामले हैं। इनमें एक महिला ने शहर के 8 से 10 मकानों में पीजी चलाया था और जहां-जहां पर पीजी छोड़ा वहीं पर चेक बाउंस कराकर चली गई। जिससे अब मकान मालिक विभाग के चक्कर काट रहे हैं।

मकान मालिक को रहना होगा सतर्क
यदि मकान, दुकान या फ्लैट किराये पर दिया गया है तो समय-समय पर ऑनलाइन भी बिजली और मेंटीनेंस समेत अन्य बिल की स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा भी यदि संभव हो तो पानी, बिजली और अन्य बिल भरने के लिए महीना में एक दिन इस कार्य के लिए भी निकालना चाहिए। इसके अलावा समय-समय पर अपने मकान की देखरेख भी करनी चाहिए कि किराएदार कोई अपराधी तो नहीं है।


मेरी जानकारी में इस तरह का मामला नहीं आया है। अगर चेक बाउंस होने के बाद भी उनके कनेक्शन चलते रहे हैं तो यह विभाग की लापरवाही या मिलीभगत का मामला है। इसकी पूरी जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी और संबंधित अफसर या बाबू पर कार्रवाई कराई जाएगी। - मुकुल सिंघल अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed