गोदाम के बाहर चारपाई पर मिली लहूलुहान लाश, नुकीले हथियार से वार कर की गई हत्या
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सेक्टर 28 मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एटलस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के गोदाम में तैनात चौकीदार किशनलाल (60) की शुक्रवार रात हत्या कर दी गई। चौकीदार का शव लहूलुहान हालत में गोदाम के अंदर मुख्य गेट के सामने चारपाई पर पड़ा मिला।
हत्या सिर पर नुकीले हथियार से वार कर की गई थी। पुलिस हत्या का कारण और हत्यारे की खोज में जुटी है। पुलिस के अनुसार गोदाम के मालिक सुभाष गुप्ता हैं जो वर्तमान में अमेरिका में हैं।
सेक्टर 16ए निवासी उनका साला विनीत बंसल गोदाम की देखभाल करता है। विनीत के मुताबिक मूलरूप से गांव रांधेरा, मथुरा (यूपी) निवासी किशनलाल उनके यहां पिछले चार-पांच साल से नौकरी कर रहे थे।
चारपाई पर सो रहा था किशनलाल
गोदाम में कंपनी की खराब गाड़ियां और स्क्रैप पड़ा है। किशनलाल गोदाम में ही रहते और स्क्रैप की देखभाल करते थे। शुक्रवार की रात किशनलाल गोदाम के गेट के पास ही चारपाई डाल कर सोए थे।
बाहर फुटपाथ पर चाय की रेहड़ी लगाने वाले दीपक ने शनिवार सुबह देखा कि गोदाम का गेट खुला है और किशनलाल चारपाई पर सो रहे हैं तो उसने घटना की आशंका के चलते विनीत बंसल और अन्य जानकारों को फोन कर सूचना दी।
मौके पर पहुंचे विनीत ने पाया कि किशनलाल के सिर में किसी नुकीले हथियार से वार कर हत्या की गई है। सूचना पर मौके पर सेक्टर 31 थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच अधिकारी एसआई गुरुचरण सिंह ने बताया कि हत्यारों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
गोदाम में वाहन के टायरों के निशान
किशनलाल की हत्या लूट के मकसद से की गई या कोई और कारण था पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। गोदाम का मुख्य गेट खुला हुआ था और किसी वाहन के टायरों के निशान भी बने पाए गए।
हालांकि गोदाम से कोई भी सामान चोरी नहीं हुआ है इसलिए पुलिस मान रही है कि हत्या लूट या चोरी के मकसद से नहीं की गई। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि टायरों के निशान घटना के पहले के हैं या बाद के।
किशनलाल का शव जिस तरह चारपाई पर पड़ा मिला उससे लगता है कि सोते समय हमला किया गया क्योंकि संघर्ष के कोई निशान नहीं हैं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारा सिर्फ उनकी जान लेने के लिए ही आया था।
करीब का ही है हत्यारा
दामाद पुनीत कुमार के मुताबिक जबसे किशनलाल ने चौकीदारी की नौकरी की है वह रिश्तेदारी या परिवार वालों से कभी कभार ही मिलते थे। साल में एक आध दिन कुछ घंटों की छुट्टी लेकर बेटी से मिलने गुड़गांव आते और रात होने से पहले वापस चले जाते।
यानी किशनलाल पिछले चार पांच साल से गोदाम में ही रह रहे थे। इस दौरान उनका परिचय और घनिष्ठता गोदाम के आसपास रहने वालों से हुई होगी।
संभव है कि हत्या भी उसके इन्हीं परिचितों में से किसी ने की हो क्योंकि जिस तरह हत्यारा अंदर घुसा और वारदात को अंजाम दिया इससे लगता है कि उसे गोदाम और किशनलाल के बारे में पूरी जानकारी थी।
चाय वाला है अहम कड़ी
किशनलाल हत्याकांड में चाय वाला दीपक पुलिस को अहम जानकारी दे सकता है। मालूम हो कि शनिवार सुबह छह बजे के बाद शहर में बारिश हुई थी। किशनलाल का शव गोदाम में गेट के अंदर खुले आसमान के नीचे चारपाई पर पड़ा मिला था।
दीपक चाय की दुकान सुबह जल्दी ही खोल देता है तो फिर गेट खुला होने के बावजूद वह खुद किशनलाल को देखने क्यों नहीं गया? मालूम हो कि उसने करीब साढ़े दस बजे विनीत को फोन कर सूचना दी कि चौकीदार अभी तक सोया पड़ा है।
सवाल यह है कि उसने खुद जाकर किशनलाल का हाल जानने की कोशिश क्यों नहीं की। मृतक के दामाद पुनीत कुमार के मुताबिक चाय वाले दीपक ने दो दिन पहले ही परिवार वालों को घर भेजा था और अब रेहड़ी बंद कर दी है। गोदाम के सामने रेहड़ी होने की वजह से दीपक को किशनलाल से मिलने वालों की जानकारी होगी। पुलिस को दीपक से हत्याकांड की अहम जानकारियां मिल सकती हैं।