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किडनी रैकेट का बंगाल में था बड़ा नेटवर्क, कम पैसों में मिल जाते थे डोनर

Mon, 13 Jun 2016 05:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 13 Jun 2016 05:04 AM IST
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Bengal had the largest network in the kidney racket, would get less money donors
किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

किडनी रैकेट मामले की छानबीन कर रही दिल्ली पुलिस की एसआईटी के सामने मास्टरमाइंड टी. राजकुमार व असीम सिकंदर उसके सहयोगी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं आरोपियों का कहना है कि इन लोगों ने वर्ष 2013 में दिल्ली के एक और नामचीन अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराया था।

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पुलिस इनके खुलासों की पड़ताल कर रही है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि पिछले छह माह के दौरान इन लोगों ने अपोलो अस्पताल में 10, जालंधर के नेशनल किडनी अस्पताल में दो और पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में फर्जी कागजात के आधार पर दो किडनी ट्रांसप्लांट कराए।
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इन्होंने पश्चिम बंगाल में अपना नेटवर्क बनाया हुआ था। वहां गरीबी होने से लोग कम पैसों में किडनी देने को तैयार हो जाते थे। पूछताछ के दौरान पता चला कि दिसंबर, 2015 से मई, 2016 के बीच अपोलो अस्पताल में 10 लोगों की किडनी ट्रांसप्लांट कराई गई थी। 

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जालंधर में दो व बंगाल में दो किडनी ट्रांसप्लांट कराए

Bengal had the largest network in the kidney racket, would get less money donors
किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

किडनी बेचने वाले महिला व पुरुषों के टेस्ट करने के बाद अस्पताल में ही किडनी निकाल दी गई। आरोपियों ने खुलासा किया कि गंगाराम अस्पताल में 2013 में इन लोगों ने फर्जी कागजातों के आधार पर एक शख्स की किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी। 

अस्पताल के डॉक्टरों को इसका पता था या नहीं, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अस्पताल से इस संबंध में जानकारी मांग सकती है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जिन लोगों ने किडनी दी और ली है, उसकी सूची तैयार कर ली गई है। अब उनकी गिरफ्तारी की भी तैयारी की जा रही है। राजकुमार ने बताया कि उसने पश्चिम बंगाल में अपने किडनी रैकेट का नेटवर्क तैयार किया हुआ था। 

कोलकाता के एक अस्पताल में नागपुर की रहने वाली एक महिला व उसके भाई का किडनी ट्रांसप्लांट कम रुपयों में कराया था। वहीं जालंधर में भी राजकुमार दो लोगों के किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बात बता रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर छानबीन में जुटी हुई है।

अपोलो अस्पताल के तीन डॉक्टरों से हो सकती है पूछताछ

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किड़नी रैकेट - फोटो : अमर उजाला

किडनी रैकेट की जांच कर रही एसआईटी अपोलो अस्पताल के तीन डॉक्टरों से जल्द ही पूछताछ कर सकती है। पुलिस की मानें तो इन तीनों डॉक्टरों की निगरानी में ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी हुई। 

किडनी रैकेट खुलासा होने के बाद पुलिस अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि राजकुमार दिल्ली के अलावा देश के कई राज्यों में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट चला रहा था। अपोलो अस्पताल के जिन डॉक्टरों से पूछताछ की जानी है, उनमें एक डॉक्टर अभी अमेरिका में हैं। गत बृहस्पतिवार को उन्हें भारत लौट आना था, लेकिन वे नहीं आए। 

उन पर निगरानी के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पर पुलिस की एक टीम को तैनात कर दिया गया है। इस मामले में पहले पुलिस ने दो डॉक्टरों के दो निजी सहायकों को गिरफ्तार कर लिया था। उनके पास से डॉक्टरों के साइन किए गए कोरे कागज बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि निजी सहायक इन कागजों को किडनी ट्रांसप्लांट के गोरखधंधे में इस्तेमाल करते थे। 

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