बैंड बाजा बारात गैंग का सरगना गिरफ्तार, शादियों में लूट के लिए बच्चों का करते थे इस्तेमाल
बैंड बाजा बारात गैंग का सरगना गिरफ्तार
- नाबालिगों की मदद से फार्म हाउस में आयोजित शादियों में करते थे चोरी
- मध्य प्रदेश से जुड़ा है गैंग, चार लाख नकद व आठ लाख के गहने बरामद
विस्तार
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने फार्म हाउस में आयोजित शादियों में चोरी करने वाले बैंड बाजा बारात गैंग के सरगना राका को गिरफ्तार किया है। सरगना मूलत: मध्य प्रदेश के राजगढ़ का रहने वाला है और बच्चों व नाबालिगों की मदद से चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस ने सरगना के पास से चार लाख नकद और 8 लाख कीमत के गहने बरामद किए हैं। वहीं गिरोह में शामिल अन्य बदमाशों और नाबालिगों की तलाश जारी है।
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुग्राम के कारोबारी मनोज चौधरी की बेटी की शादी 19 जून को कापसहेड़ा स्थित काम्या प्लेस फार्म हाउस में थी।
समारोह के दौरान किसी ने गहने और नकदी से भरे ब्रीफकेस को चोरी कर लिया। पुलिस को अन्य फार्म हाउसों से भी शादी समारोह के दौरान चोरी की शिकायत मिली थी।
एसीपी राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच के दौरान शादी समारोह में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और वीडियो रिकार्डिंग को देखा। साथ ही इस तरह की वारदात में शामिल बदमाशों की पहचान शुरू की।
पुलिस को पता चला कि मध्य प्रदेश के राजगढ़ के रहने वाले बदमाश इस तरह की चोरियों को अंजाम देते हैं। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में तीन व्यक्ति और दो नाबालिग संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए दिखाई दिए।
बाद में चोरी की वारदात के बाद गायब हो गए। पुलिस टीम ने संदिग्धों की फोटो लेकर राजगढ़ के तीन गांवों में उनकी पहचान करने की कोशिश की। फिर पुलिस ने बदमाशों के फोन को सर्विलांस पर लगाया।
पुलिस ने 1 जुलाई को गैंग के सरगना राका को पोचनपुर से गिरफ्तार कर लिया। राका ने बताया कि उसने वारदात को अपने सहयोगी नीरज, कुलजीत और दो नाबालिगों की मदद से अंजाम दिया है। गैंग ने इलाके में छह से सात वारदात को अंजाम दे चुका है।
2 से 10 लाख की बोली लगाकर गैंग में करते हैं शामिल
राका ने पूछताछ में बताया कि चोरी की वारदात में नाबालिगों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। वह ऐसे नाबालिगों को अपने गैंग में शामिल करते हैं, जो अच्छे कपड़े पहनकर संपन्न परिवार का लगे।
अच्छे नाबालिग मिलने पर गैंग का सरगना परिवार वालों से बोली लगाकर उसे अपने गैंग में शामिल कर लेते हैं। इसके लिए दो से दस लाख तक खर्च करता है। गैंग में शामिल नाबालिगों को परिजनों से एक साल के लिए लेते हैं और उन्हें तीन माह की ट्रेनिंग देते हैं। गैंग के सदस्य नाबालिगों को शादी समारोह में छोड़कर खुद बाहर ऑटो में इंतजार करते हैं। नाबालिगों की देखरेख के लिए एक महिला भी मौजूद होती है।
दो माह के लिए किराये का लेते हैं मकान
राका ने पुलिस को बताया कि जिस इलाके में वारदात को अंजाम देते हैं, उसके आस-पास ही दो महीने के लिए मकान किराये पर लेते हैं। दिन में सभी घरों में आराम करते हैं और फिर रात में किराये पर ऑटो लेकर शादी समारोह में शामिल होते हैं।