मां-बेटी के साथ हैवानियत के बाद जागी सरकार, 'डायल-100’ का होगा कायाकल्प
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एनएच 91 दिल्ली-कानपुर पर मां-बेटी के साथ हैवानियत के बाद सरकार जाग गई है। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने के लिए 100 नंबर की सुविधा को बेहतर बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
बुधवार को कलक्ट्रेट में पुलिस, प्रशासन और आईटी अफसरों की मीटिंग हुई जिसमें इसके राजधानी लखनऊ से कनेक्ट करने की योजना पर मंथन हुआ। डायल-100 का बदला हुआ रूप दो अक्तूबर से दिखाई देगा।
29 जुलाई को एनएच-91 पर नोएडा से शाहजहांपुर जाते समय मां-बेटी के साथ दरिंदगी की गई थी। वारदात के बाद घटनास्थल से पीड़ितों ने 100 नंबर को चार बार डायल किया था, लेकिन उसका रेस्पॉस नहीं मिला था।
इसको लेकर पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। ऐसे में डॉयल-100 को ऑपरेट करने का फार्मूला पूरी तरह से बदला जा रहा है। अब डॉयल-100 का रिसीवर लखनऊ में उठेगा।
डायल-100 की रिपोर्टिंग जिला पुलिस को लखनऊ में करनी होगी
लखनऊ से ही संबंधित जिले के कमांड दफ्तर को सूचित किया जाएगा। कमांड ऑफिस से जिस थाना क्षेत्र की घटना होगी, उस क्षेत्र की उस पीसीआर वैन को सूचना दी जाएगी।
घटना स्थल के सबसे नजदीक जो पीसीआर होगी, उसको घटनास्थल पर भेजा जाएगा। ताकि मौका-ए-वारदात पर समय रहते पुलिस पहुंच जाए। खास बात यह है कि डायल-100 की रिपोर्टिंग जिला पुलिस को लखनऊ में करनी होगी।
नए क्लेवर में डायल-100 का शुभारंभ दो अक्तूबर को होगा। इसीलिए जिला प्रशासन से तीन दिन के भीतर थानों के बारे में सूचना मांगी गई है। बता दें कि योजना प्रदेश में तीन चरणों में शुरू होगी।
यूपी के मानचित्र पर दिखेंगे पुलिस थाने
डायल-100 योजना के तहत पुलिस थानों को भी डिजिटलाइज्ड किया जा रहा है। पुलिस थानों का नक्शा प्रदेश के मानचित्र पर इंगित होगा। थानों के आसपास कौन-कौन से गांव हैं, उनका भी विवरण मानचित्र पर दर्ज किया जाएगा।
पुलिस थानों को यूपी के नक्शे पर लाने के लिए एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र, एसपी क्राइम अरविंद कुमार पांडेय और ई-डिस्ट्रिक मैनेजर पीयूश चौधरी ने कलक्ट्रेट में बैठक की।
साथ ही शासन जीपीएस से लैस वाहनों की खेप बुलंदशहर पुलिस को देगा। सूबे के ऐसे जनपद में आधुनिक वाहन दिए जाएंगे, जहां-जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजर रहे हैं।
योजना के संबंध में पुलिस अफसरों के साथ बैठक की गई। पुलिस थानों को डिजिटलाज्ड करने के लिए उनको स्कैच तैयार किया जाएगा। थाने और थानों की चारों दिशाओं में बसे गांवों का विवरण भी मानचित्र पर इंगित होगा। यह कवायद डायल-100 का स्वरुप बदलने को लेकर किए जा रहे हैं। -अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम, प्रशासन बुलंदशहर