फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   After cylinder and ac blast, including woman death of three

दो अलग-अलग हादसों में छह जिंदा जले, 34 झुलसे

Tue, 19 Apr 2016 03:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 19 Apr 2016 03:21 AM IST
विज्ञापन
After cylinder and ac blast, including woman death of three
सिलेंडर ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

दिल्ली में दो अलग-अलग सिलेंडर ब्लास्ट में छह लोगों की मौत गई। इन हादसों में दो दर्जन से भी ज्यादा लोग घायल हैं। पहला हादसा दिल्ली के गांधी नगर इलाके में हुआ तो वहीं दूसरा हादसा सनलाइट कॉलोनी का है जिसमें मां-बेटी जिंदा जल गए।  दोनो ही जगह तीन-तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए हैं।

विज्ञापन


गांधी नगर इलाके के कैलाश नगर में सोमवार शाम एक मकान में सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। आग का गोला और सिलेंडर के टुकड़े सामने वाले मकान से टकराए, तो वहां पहली मंजिल पर लगा एसी भी ब्लास्ट हो गया। हादसे में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब दर्जन भर लोग जख्मी हो गए।
विज्ञापन


घायलों को आनन-फानन में चाचा नेहरू व एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। स्थानीय लोगों की मानें तो धमाका इतना तेज था कि आमने-सामने के मकानों के अलावा पड़ोसियों के मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस के अलावा दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंची। देर रात तक राहत कार्य जारी रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो मजदूर रसोई गैस से खाना बना रहे थे

After cylinder and ac blast, including woman death of three
सिलेंड ब्लास्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

पुलिस के मुताबिक, हादसा सोमवार शाम करीब 7:30 बजे गांधी नगर, कैलाश नगर स्थित गली नंबर-17 सर्कुलर रोड पर हुआ। यहां मकान नंबर-2730 में संजय कश्यप परिवार के साथ रहते हैं। इनके परिवार में पत्नी पूनम (35), बेटा कृष (12), गिरीश (6) और बेटी नैना (4) के अलावा पिता सोनी कश्यप (60) थे। घर के सामने ही संजय का ऑफिस और दूसरा मकान भी है। इसी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर संजय ने अपना ऑफिस खोला है, जबकि ऊपरी मंजिलों को किराये पर दिया है।

सोमवार शाम को संजय के दफ्तर के ऊपर पहली मंजिल पर दो मजदूर रसोई गैस से खाना बना रहे थे। इसी बीच धमाके के साथ एलपीजी सिलेंडर फट गया। धमाके से आग का गोला निकला और सिलेंडर के टुकड़े संजय के सामने वाले मकान के एसी पर जा लगे। उससे एसी भी फट गया।

दोनों ही मकानों में तेज धमाका हो गया। हादसे में संजय की पत्नी पूनम, पिता सोनी कश्यप और एक मजदूर राजेश गोयल (50) की मौत हो गई। इसके अलावा संजय के तीनों बच्चे भी झुलस गए। कुछ राहगीर भी हादसे की चपेट में आ गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां चार की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के समय संजय घर पर नहीं थे। देर रात तक पुलिस घायलों की सही संख्या भी नहीं बता पा रही थी। रात तक पुलिस की अलग-अलग टीमें अस्पतालों में घायलों का पता लगा रही थीं।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया

After cylinder and ac blast, including woman death of three
सिलेंड ब्लास्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धमाके के बाद बिजली विभाग ने लाइट बंद कर दी। जिसने भी हादसे के बारे में सुना वह घटना स्थल की ओर भागा। कई लोग तो अपने बच्चों और परिजनों को ढूंढते हुए मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना था कि हादसे के बाद आग व मलबे की चपेट में आकर दर्जन भर से ज्यादा लोग व बच्चे जख्मी हो गए।

लोगों को यह भी पता नहीं चल पा रहा था कि कौन हादसे में जख्मी हुआ और किसकी जान चली गई। हालात को देखकर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। देर रात तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर जुटे रहे। सड़क से मलबा हटाने का काम जारी रहा। एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंच गई। क्राइम टीम ने भी घटना स्थल से साक्ष्य उठाए।

कैलाश नगर स्थित सर्कुलर रोड पर जिस जगह हादसा हुआ, वहां की गलियां बेहद संकरी हैं। ऐसे में राहत व बचाव कार्य करने में प्रशासन को खासी मशक्कत हुई। धमाका होते ही स्थानीय लोगों ने घायलों को मलबे से निकाला। निजी वाहनों से घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

आग से सिलेंडर फटा, मां और दो बेटी जिंदा जले

After cylinder and ac blast, including woman death of three
सनलाइट इलाकें में दूसरा ब्लास्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

वहीं दूसरी ओर  दक्षिण-पूर्वी जिले के सनलाइट कॉलोनी इलाके में सोमवार रात एक मकान में आग लगने के बाद एलपीजी सिलेंडर फट गया। हादसे में तीसरी मंजिल पर फंसी महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की जिंदा जलने से मौत हो गई और 22 लोग झुलस गए। घायलों को एम्स ट्रामा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

पुलिस के मुताबिक, हादसा सनलाइट कॉलोनी के भगवानपुर इलाके में हुआ। यहां 5-ए मकान नंबर-5 में तरुण और उसका परिवार रहता था। इसके परिवार में पत्नी ममता (30) और दो बेटियां प्रीतिका (9) और प्रियंका (1) थीं। मूलरूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला तरुण जेवर बनाने का काम करता था। उसी के मालिक ने तरुण को 40 गज मकान का तीसरा फ्लोर रहने के लिए दिया था। ग्राउंड, पहली और दूसरी मंजिल पर अलग-अलग परिवार रहते हैं।

रात 8.15 बजे पहली मंजिल पर अचानक आग गई। दूसरी मंजिल पर मौजूद एक बुजुर्ग महिला व तीसरी मंजिल पर ममता और उसके दोनों बच्चे आग में फंस गए। छत के गेट पर ताला लगा था। नीचे सीढ़ियों पर आग फैली हुई थी। इससे नीचे निकलने का रास्ता भी बंद हो गया।

महिला ने आग में झुलसने के डर से ऊपर से नीचे छलांग लगा दी

After cylinder and ac blast, including woman death of three
सनलाइट इलाकें में दूसरा ब्लास्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

करीब 8.25 बजे दमकल विभाग को सूचना देने के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। दूसरी मंजिल पर मौजूद बुजुर्ग महिला ने आग में झुलसने के डर से ऊपर से नीचे छलांग लगा दी और जख्मी हो गई। इसी बीच अचानक पहली मंजिल पर एलपीजी सिलेंडर फट गया।

धमाके से मकान के परखच्चे उड़ गए। इससे ममता और उसकी दो बच्चियों प्रीतिका और प्रियंका की मौत हो गई। हादसे के समय नीचे खडे़ तमाशबीन समेत राहत व बचाव कार्य में लगे 22 लोग भी जख्मी हो गए। घायलों को पीसीआर और निजी वाहनों से अलग-अलग अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग पर देर से पहुंचने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि खुद ममता ने पुलिस और दमकल विभाग को कॉल कर मदद की गुहार लगाई थी। वह नीचे खड़े लोगों से भी बचाने की गुहार लगा रही थी। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। दमकल विभाग की गाड़ियां करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची तब तक सिलेंडर ब्लास्ट हो चुका था। स्थानीय लोगों का कहना था कि समय रहते दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंच जाती तो शायद ममता और उसके बच्चों को बचाया जा सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed