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कोर्ट में खुला राजधानी का एक शर्मनाक सच

Tue, 12 Aug 2014 08:26 PM IST
Updated Tue, 12 Aug 2014 08:26 PM IST
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crime against north east people is rising in delhi

राजधानी में नॉर्थ ईस्ट के लोगों के प्रति अपराध की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। पिछले छह माह में इन लोगों की 416 शिकायतें मिलीं, जिनमें 82 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा मारपीट और शांति भंग करने के भी तीन मामले दर्ज किए गए हैं।

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नॉर्थ ईस्ट के लोगों की सुरक्षा के लिए गठित स्पेशल यूनिट ने हाईकोर्ट को यह जानकारी देते हुए बताया कि यूनिट में जल्द ही 318 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इनमें 66 पदों पर महिलाओं की नियुक्ति होगी। फिलहाल 10 करोड़ रुपये की मंजूरी नहीं मिलने के कारण भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई है।
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मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष यूनिट के पुलिस उपायुक्त एसएन मोसोबी ने शपथपत्र सहित अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के लोगों की सुरक्षा के ठोस उपाय किए जा रहे हैं। इसलिए यूनिट में 318 विभिन्न पदों की नियुक्तियों का प्रस्ताव मंत्रालय के पास भेजा गया है।
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फेसबुक पर है स्पेशल पेज

crime against north east people is rising in delhi
उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में फेसबुक पर पूर्वोत्तर के लोगों के लिए दिल्ली पुलिस पृष्ठ बनाया गया है। पुलिस को 20 फरवरी 2014 से 7 अगस्त 2014 तक कुल 416 शिकायतें मिली हैं। इनमें हेल्पलाइन नंबर 1093 पर 331, वॉटसएप पर 33, एसएमएस पर 18, ई-मेल पर 25, पोस्ट के जरिए 5 और यूनिट को 4 शिकायतें मिली हैं।


सभी शिकायतों की जांच करके 82 मामले दर्ज कर कार्रवाई की गई हैै। इसी प्रकार मालवीय नगर, वसंत विहार और डाबड़ी क्षेत्र में मारपीट व शांति भंग करने पर दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 107-51 के तहत मामले दर्ज किए गए। इस समय यूनिट में 3 उपनिरीक्षक, 3 हेड कांस्टेबल, 12 कांस्टेबल तीन शिफ्टों में काम कर रहे हैं।

फिलहाल यूनिट को किसी भी प्रकार का मामला दर्ज करने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार नहीं है। स्टाफ का काम मात्र आने वाली शिकायतों की निगरानी व कार्रवाई के लिए संबधित जिला पुलिस के बीच समन्वय बनाने का है। खंडपीठ ने अब इस मामले पर 18 अगस्त को सुनवाई तय कर दी है।

मेट्रो स्टेशन पर भी हुई छेड़छाड़

crime against north east people is rising in delhi

दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि पूर्वोत्तर की महिला वकील से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में तीस हजारी अदालत के दो वकीलों के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को सब्जी मंडी थानाध्यक्ष ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि पीड़िता ने फोटो के आधार पर दोनों वकीलों आजाद चंद प्रकाश गौतम व वरुण कुमार जैन की पहचान की है।

इन दोनों के अलावा एक महिला वकील के खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने कहा कि दोनों वकीलों को थाने में बुलाकर पूछताछ की गई और उनको गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने कहा इन वकीलों के खिलाफ दंगा, गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखने, महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने, मारपीट आदि से संबंधित आरोपपत्र भी अदालत के समक्ष दायर कर दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

मालूम हो कि पीड़ित महिला वकील की अधिवक्ता इंदिरा जय सिंह ने अदालत को बताया था कि उनकी मुवक्किल से विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास कुछ वकीलों ने छेड़छाड़ की थी। इसी संबंध में वह अपने साथियों के साथ 23 मई को अदालत के समक्ष बयान दर्ज करवाने गई थी। इसी दौरान भरी अदालत में वकीलों की भीड़ ने उनपर हमला कर मारपीट की। घटना के समय संबंधित मजिस्ट्रेट भी अदालत में उपस्थित थे।

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