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दिल्लीः पटाखे बेचने के लिए दुकानदारों ने शुरू किया पर्ची सिस्टम, एडवांस में ले रहे रकम

Fri, 20 Oct 2017 02:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Oct 2017 02:19 PM IST
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cracker ban: delhi shopkeepers using receipt and advance payment to sell crackers
पटाखे - फोटो : self

सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री जारी है। हालांकि यह बिक्री बाजारों में दिखाई नहीं दे रही, लेकिन दुकानों के पीछे ले जाकर ग्राहकों को खूब चकरी, बम और चटाई दी जा रही हैं।

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स्थिति यह है कि पुराना माल निकालने के लिए दुकानदार इस वक्त चाइना मेड पटाखों पर 70 फीसदी तक की छूट भी दे रहे हैं। बुधवार को यूपी बॉर्डर से सटे इलाकों में इन पटाखों की जमकर बिक्री हुई। वहीं भारतीय पटाखे कालाबाजारी में मिल रहे हैं। दुकानदार अपने घरों पर एमआरपी से ज्यादा रेट पर पटाखे बेच रहे हैं।
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वहीं, पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में तो दुकानदारों ने पर्ची सिस्टम शुरू कर दिया है। एक पर्ची पर पटाखे की पूरी लिस्ट लिखवाने के बाद ग्राहकों से एडवांस में पूरी रकम ली जा रही है। करीब एक घंटे बाद वापस आकर काली पन्नी ले जाने की बात दुकानदार कर रहे हैं।

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लक्ष्मी बम 25 रुपये का

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प्रतिबंध लगने के बाद कुछ जगहों पर पटाखों की कीमतें कई गुना बढ़ा दी गई हैं। यूपी बॉर्डर से सटे इलाके दिलशाद गार्डन, आनंद विहार, वैशाली, कौशांबी, इंदिरापुरम, मयूर विहार, खिचड़ीपुर, मंडावली, शाहदरा और कड़कड़डूमा जैसे इलाकों में जहां चाइना मेड पटाखों पर छूट दी जा रही है, वहीं लक्ष्मी नगर के मंगल बाजार में लक्ष्मी बम 25 रुपये की कीमत पर बेचा जा रहा है। पिछले वर्ष इसकी कीमत तकरीबन 8 से 10 रुपये थी। वहीं, 15 रुपये का अनार इस समय 35 में बिक रहा है।

दोगुनी कीमत के बाद भी गारंटी नहीं
पटाखों की कालाबाजारी में सबसे ज्यादा नुकसान ग्राहकों को झेलना पड़ रहा है। बच्चों को खुश करने के चक्कर में लोग पटाखों का जुगाड़ तो कर रहे हैं, लेकिन यह चलेगा या नहीं, सीलन की वजह से बेकार तो नहीं, इन सवालों के जवाब दुकानदार नहीं दे रहे। इनकी मानें तो मोलभाव और क्वॉलिटी देखने का वक्त गया। अब तो सिर्फ दाम फेंको और पटाखे जलाओ जैसी स्थिति है।

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