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Delhi NCR News: प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन के बाद सीपीसीबी के एप ने डेटा देना किया बंद
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सोमवार दोपहर से दिल्ली का एक्यूआई एप पर नहीं हुआ अपडेट, रविवार को हुआ था इंडिया गेट पर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की हवा फिर से जहरीली हो गई है। इसी बीच सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर एप और वेबसाइट पर आंकड़े प्रदर्शित होना बंद हो गए। एप के यह आंकड़े उस समय बंद हुए हैं जब रविवार को दिल्लीवासियों ने प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
एप ने सोमवार दोपहर से दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अपडेट करना बंद कर दिया। शाम 6:30 बजे तक भी 24 घंटे का औसत एक्यूआई नहीं दिखाया गया, जो हर दिन शाम चार बजे आता है। सुबह का आखिरी अपडेट 345 था, जो हवा की बेहद खराब श्रेणी में थी। उसके बाद कोई नया आंकड़ा नहीं आया। अधिकारियों ने इस बारे में कोई भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया।
हालांकि, इससे पहले भी दिवाली के समय और उसके बाद भी कई बार समीर एप घंटों बंद रहा था। रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 391 तक पहुंच गया था, जो इस मौसम का अब तक का सबसे खराब स्तर दर्ज किया गया। 24 घंटे का औसत 370 रहा, जो फिर भी बेहद खराब ही है।
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पराली जलाने का योगदान शून्य
सरकारी सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का हिस्सा 0 प्रतिशत था। सबसे ज्यादा योगदान गाड़ियों के प्रदूषण का था, जो 21.4 प्रतिशत रहा। पराली जलाने के आंकड़े भी आठ नवंबर के बाद अपडेट नहीं हुए। आखिरी डेटा के अनुसार शनिवार को पंजाब में 42, यूपी में 158 और हरियाणा में 42 जगहों पर पराली जलाई गई थी।
धुंध से दिखना मुश्किल
सोमवार सुबह दिल्ली में धुंध इतनी थी कि पालम और सफदरजंग में सिर्फ 1000 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था। शाम तक थोड़ा सुधार हुआ। पालम में 2100 मीटर और सफदरजंग में 1500 मीटर तक दृश्यता थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की हवा फिर से जहरीली हो गई है। इसी बीच सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर एप और वेबसाइट पर आंकड़े प्रदर्शित होना बंद हो गए। एप के यह आंकड़े उस समय बंद हुए हैं जब रविवार को दिल्लीवासियों ने प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
एप ने सोमवार दोपहर से दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अपडेट करना बंद कर दिया। शाम 6:30 बजे तक भी 24 घंटे का औसत एक्यूआई नहीं दिखाया गया, जो हर दिन शाम चार बजे आता है। सुबह का आखिरी अपडेट 345 था, जो हवा की बेहद खराब श्रेणी में थी। उसके बाद कोई नया आंकड़ा नहीं आया। अधिकारियों ने इस बारे में कोई भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया।
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हालांकि, इससे पहले भी दिवाली के समय और उसके बाद भी कई बार समीर एप घंटों बंद रहा था। रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 391 तक पहुंच गया था, जो इस मौसम का अब तक का सबसे खराब स्तर दर्ज किया गया। 24 घंटे का औसत 370 रहा, जो फिर भी बेहद खराब ही है।
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पराली जलाने का योगदान शून्य
सरकारी सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का हिस्सा 0 प्रतिशत था। सबसे ज्यादा योगदान गाड़ियों के प्रदूषण का था, जो 21.4 प्रतिशत रहा। पराली जलाने के आंकड़े भी आठ नवंबर के बाद अपडेट नहीं हुए। आखिरी डेटा के अनुसार शनिवार को पंजाब में 42, यूपी में 158 और हरियाणा में 42 जगहों पर पराली जलाई गई थी।
धुंध से दिखना मुश्किल
सोमवार सुबह दिल्ली में धुंध इतनी थी कि पालम और सफदरजंग में सिर्फ 1000 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था। शाम तक थोड़ा सुधार हुआ। पालम में 2100 मीटर और सफदरजंग में 1500 मीटर तक दृश्यता थी।