फूलन देवी हत्याकांड: 14 को आएगा अदालत का फैसला
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मंगलवार को सुनवाई के दौरान जहां अभियोजन पक्ष राणा को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहा था वहीं बचाव पक्ष ने अदालत से नरम रुख अपनाने की अपील की।
पिछली सुनवाई में अदालत ने कहा था कि सभी गवाहों व साक्ष्यों से स्पष्ट है कि राणा ने ही फूलन की हत्या की थी। साथ ही अदालत ने मामले में 10 अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया था।
कोर्ट में मौजूद था राणा
साल 2001 में फूलन देवी की हत्या के 13 साल बाद बीते 8 अगस्त को सुनवाई करते हुए अदालत ने शेर सिंह राणा को दोषी ठहराया था।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भारत भूषण ने उस दिन जैसे ही राणा को दोषी ठहराने व अन्य को बरी करने का फैसला सुनाया, राणा ने न्यायाधीश से सवाल किया था कि ‘आपने मात्र मुझे ही दोषी क्यों ठहराया है जबकि अन्य सभी यहीं पर हैं।’
बता दें कि मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राणा को पेशी पर लाया गया था और वह कोर्ट में भी मौजूद था।
घर के गेट पर हुई थी फूलन की हत्या
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में राणा को ही हत्या का दोषी माना था। कोर्ट ने कहा था कि फूलन हत्याकांड के समय मौके पर राणा की मौजूदगी और हमलावरों का उसकी कार का इस्तेमाल करके फरार होना उसे दोषी ठहराने के लिए काफी है।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि हत्या के बाद मौके से फरार हुए लोगों में से एक शेर सिंह राणा भी था।
गौरतलब है कि 13 साल पहले 25 जुलाई 2001 को सपा सांसद फूलन देवी की दिल्ली के अशोक रोड स्थित उनके सरकारी आवास के सामने हत्या कर दी गई थी। फूलन देवी उस समय संसद से लौट रही थीं। जब हरे रंग की कार में सवार हमलावरों ने उन पर फायरिंग की थी।