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मानेसर में नहीं बनेंगी नई बिल्डिंग, कोर्ट की रोक

Thu, 29 May 2014 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 29 May 2014 10:31 AM IST
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court stays to build new building in manesar

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मानेसर गांव और आईएमटी के आसपास बिल्डरों के निर्माण कार्य सहित निर्मित फ्लैटों के आवंटन (कब्जे) पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश सूर्यकांत और लीजा गिल की खंडपीठ ने मानेसर के किसानों की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए 13 मई को यह फैसला सुनाया है।

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मानेसर के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश के अनुसार वर्ष 2004 में प्रदेश सरकार ने मानेसर और आसपास के गांवों की 912 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए सेक्शन चार (4) के नोटिस जारी किए थे। इसके एक साल बाद ही सरकार की ओर से सेक्शन-6 के नोटिस थमा दिए।
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सस्ते दाम पर भूमि अधिग्रहण के डर से किसानों ने निजी बिल्डरों को अपनी जमीनें बेचनी शुरू कर दी। ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि सरकार ने डीएलएफ से मिलीभगत कर अधिग्रहण का डर दिखाया। यहां अधिकांश जमीन डीएलएफ ने ही खरीदी।
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दो साल बाद सेक्शन -9 का नोटिस जारी कर दिया गया। जिससे किसान और भयभीत हो गए। इसी साल 26 दिन बाद ही सरकार ने यहां होने वाले जमीन अधिग्रहण को रद्द कर दिया। किसानों ने वर्ष 2011 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली। 17 दिसंबर को कोर्ट ने किसानों को स्टे ऑर्डर दे दिया। सटे ऑर्डर के बाद भी डीएलएफ सहित एबीडब्लूए और दूसरे बिल्डर भवन निर्माण का कार्य नहीं रोक रहे थे। इसकी जानकारी कोर्ट को दी गई।


13 मई को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश सूर्यकांत लीजा गिल की खंडपीठ ने स्टे को यथावत रखते हुए अगले आदेशों तक बिल्डरों को निर्माण पर रोक लगाने और फ्लैट का पजेशन नहीं देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसान अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

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