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'जबरन बना दिया गया गैंगरेप का मामला'
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 08 Jun 2015 01:08 AM IST
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अदालत ने पुलिस आयुक्त को रेलवे के दो कथित अधिकारियों को गैंगरेप के फर्जी मामले में फंसाने वाली महिला उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने इलाहाबाद निवासी हवन प्रताप सिंह व बिहार निवासी पिंटू कुमार को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में नाकाम रहा है। प्राथमिकी को देखने से ही लगता है कि पीड़ित ने सभी तथ्यों से इनकार किया है लेकिन गैंगरेप का मामला जबरन बना दिया गया।
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16 वर्षीय किशोरी ने अदालत में भी माना है कि जांच अधिकारी इंस्पेक्टर मीरा शर्मा ने उस पर इस प्रकार का बयान देने का दबाव बनाया था। अदालत ने पुलिस आयुक्त को दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, सितंबर 2012 को स्वयं को रेलवे अधिकारी बताने वाले दो लोगों ने 16 वर्षीय लड़की से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक कमरे में गैंगरेप किया था।