कोर्ट ने 15 दिनों के भीतर दिए आतंकियों को दस्तावेज मुहैया कराने का निर्देश
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आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार आईएस के कथित 17 आतंकियों को जरूरी दस्तावेज 15 दिनों के भीतर देने का निर्देश कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को दिया है।
वहीं, आरोपियों के खिलाफ आरोपों पर बहस सुनने के लिए विशेष अदालत ने 27 सितंबर की तारीख तय की है। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए कोर्ट ने मामले में चार्जशीट के साथ पेश जरूरी दस्तावेज, गवाहों की सूची आरोपियों को देने का निर्देश एनआईए को दिया।
एनआईए ने इस मामले मे चार्जशीट दाखिल कर आईएस के नेटवर्क के विस्तार के लिए बड़ी साजिश होने की बात कही थी। एजेंसी का दावा था कि प्रतिबंधित संगठन के कथित सदस्य कुछ निवासी व अनिवासी भारतीयों के साथ मिलकर युवकों को भड़काने, भर्ती करने व प्रशिक्षण देने के काम में शामिल हैं।
एनआईए ने देश के अलग-अलग हिस्सों से किया था गिरफ्तार
एनआईए का दावा है कि न्यायिक हिरासत में बंद आरोपियों ने कुछ भारतीय युवकों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए सीरिया, लीबिया व इराक भिजवाया था।
एजेंसी ने जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उनमें मोहम्मद अलीम, मोहम्मद ओबेदुल्लाह खान, नफीस खान, मोहम्मद शरीफ मोइनुद्दीन खान, आसिफ अली, नजमुल हुडा, मुदब्बीर मुश्ताक शेख, मोहम्मद अब्दुल अहद, सुहेल अहमद, सैयद मुजाहिद, मोहम्मद हुसैन खान, मोहम्मद अफजल, इमरान व अबू अनस शामिल हैं।
इन्हें एनआईए ने देश के अलग-अलग हिस्सों से गिरफ्तार किया था। एनआईए ने इन आरोपियों के खिलाफ अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की धाराएं लगाई हैं।
एजेंसी ने भारत में आईएस की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 9 दिसंबर 2015 को अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। एजेंसी ने इस मामले में नासिर पाकिर (23) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर कहा था कि वह सीरिया व ईरान में आईएस की गतिविधियों में शामिल करने के लिए भारतीय युवकों की पहचान, भड़काने, भर्ती करने व प्रशिक्षण दिलाने के काम में शामिल था।