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सदन की बैठक में उठा फैक्टरी में 45 मौतों का मुद्दा, हंसने पर निगमायुक्त ने हाथ जोड़कर मांगी माफी
Tue, 17 Dec 2019 06:51 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 17 Dec 2019 06:51 AM IST
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निगमायुक्त वर्षा जोशी ने सुरजीत सिंह पंवार से मांगी माफी
- फोटो : अमर उजाला
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अनाज मंडी के फैक्टरी अग्रिकांड में 44 लोगों की मौत को लेकर विपक्षी पार्षदों ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक में सोमवार को जमकर हंगामा किया। इस मुद्दे पर चल रहे हंगामे के बीच अपनी हंसी को लेकर निगमायुक्त वर्षा जोशी को विपक्ष के नेता सुरजीत सिंह पंवार से दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगी और उनके चरणों की तरफ भी झुकीं, लेकिन महिला पार्षदों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इसके बाद हंगामा शांत हुआ और सदन की बैठक की कार्रवाई फिर शुरू हुई।
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सदन की बैठक में अनाज मंडी अग्निकांड और सीलिंग विषय पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा नेता असंवैधानिक भाषा को लेकर आमने-सामने आ गए। विपक्ष के नेता सुरजीत सिंह पंवार समेत अन्य विपक्षी पार्षदों ने फैक्टरी में हुई मौतों के लिए निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए। इस बीच सुरजीत सिंह पंवार ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में जलकर हुई मौतों के मुद्दे को जब सदन में रखा गया तो निगमायुक्त वर्षा जोशी हंस रही थीं। इससे नाराज होकर सभी विपक्षी नेता नारेबाजी करने लगे।
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सदन की अध्यक्षता कर रहे महापौर अवतार सिंह ने सभी को शांत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन विपक्षी नेता निगमायुक्त के व्यवहार पर हंगामा करते रहे। निगमायुक्त को अपना पक्ष रखने के लिए वेल में उतरकर सुरजीत सिंह पंवार व अन्य विपक्षी पार्षदों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी। वह पार्षद के पैर छूने के लिए झुकीं, लेकिन वहां मौजूद अन्य महिला पार्षदों ने उन्हें रोक दिया। इस बीच वह भावुक हो गईं। तभी भाजपा की महिला पार्षदों ने उन्हें सांत्वना दी और नेता प्रतिपक्ष पर महिला अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगाते हुए मांफी मांगने की मांग की। इसके बाद निगमायुक्त ने अपनी बात सदन के समक्ष रखी और फैक्टरी में हुई मौतों के मामले की जांच जारी होने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं होगा। जांच में जो भी जिम्मेदार मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भाजपा पार्षद तिलकराज कटारिया द्वारा आप नेताओं पर आरोप लगाए जाने के बाद सदन में फिर से हंगामा हो गया और महापौर ने सदन को अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया।