कांग्रेस के दो दिग्गजों को मिलेगी वोट न देने की सजा!
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देशभर में लोकसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच दिल्ली की राजनीति में कुछ अलग ही रंग दिख रहे हैं।
एक ओर जहां चुनाव प्रचार के दौरान पार्टियों के उम्मीदवार और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से वोट देने की अपील करते है तो वहीं चुनाव में पार्टियों के दिग्गज नेता खुद ही वोट नहीं डाल रहे।
ये सीन दिखा है हाल ही में दिल्ली में हुए मिनी सदन के चुनावों में।
इन नेताओं पर होगी कार्रवाई!
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के चुनाव में वोट नहीं डालने वाले दो सांसदों पर कांग्रेस कार्रवाई करने का मन बना रही है। इन्हीं दो नेताओं की वजह से इस निगम में कांग्रेस मेयर का चुनाव बेहद करीबी मतों से हार गई।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने इन दोनों सांसदों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करवाई है और जल्द दोनों को नोटिस जारी करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के सांसद संदीप दीक्षित देर से पहुंचने के कारण वोट नहीं डाल पाए।
वहीं राज्यसभा सांसद परवेज हाशमी वोट डालने ही नहीं आए।
कांग्रेस को हो सकता था ये फायदा
ऐसा माना जा रहा है कि अगर दक्षिणी दिल्ली में कांग्रेस मेयर का चुनाव जीत जाती तो इससे दिल्ली में कांग्रेस की डूबती नैया पार लगाने का एक आसरा मिल सकता था।
यही नहीं, 16 मई को आने वाले लोकसभा परिणामों के बाद यदि दिल्ली में विधानसभा चुनाव होते हैं तो उसमें भी पार्टी को पिछले चुनाव में मिली हार से उबरने का मौका था।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के महासचिव और दिल्ली के इंचार्ज डॉ. शकील अहमद ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली से इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी।
कांग्रेस ने दोहराया है इतिहास
बता दें कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के चुनाव में बीजेपी ने मेयर पद पर सिर्फ एक वोट से जीत दर्ज की थी। यदि कांग्रेस के ये दोनों सांसद अपना वोट डाल देते तो मेयर पद पर कांग्रेस का कब्जा होता।
हालांकि बीजेपी से मिली इस हार का बदला कांग्रेस ने डिप्टी मेयर के पद पर हुए चुनाव में ले लिया। कांग्रेस ने डिप्टी मेयर का चुनाव 13 वोटों से जीता था और लगभग 53 साल बाद इतिहास दोहराया था।
इस निगम में बीजेपी के पार्षदों की समख्या सबसे ज्यादा है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस और बीएसपी व निर्दलीय पार्षद हैं।
बीजेपी ने भी अपनाया सख्त रुख
इस मामले में सफाई देते हुए कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित ने कहा था कि उनकी पत्नी बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं इसलिए उन्हें पहुंचने में देरी हो गई।
उधर, डिप्टी मेयर के चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के मामले में बीजेपी ने भी सख्ती का रुख अपनाना शुरू कर दिया है। डिप्टी मेयर पद पर बीजेपी समर्थित बसपा उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था।
इस मामले में बीजेपी ने क्रॉस वोटिंग करने वाले 12 पार्षदों की पहचान की है।