दिल्ली की इन सीटों पर अपनों से ही लड़ेंगी कांग्रेस
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीति अपने ही सार्थियों से मुकाबला करते नजर आएंगे। कहीं भाजपा के प्रत्याशी का पूर्व भाजपाई से मुकाबला है तो कहीं आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अपने पुरानी साथी के खिलाफ मैदान में हैं।
लेकिन कांग्रेस में सबसे रोचक मुकाबला पटेल नगर और मटिया महल सीट पर है। यहां कांग्रेस, भाजपा और आप के प्रत्याशी कभी न कभी कांग्रेसी रहे हैं।
पटेल नगर से भाजपा के टिकट पर कांग्रेस की पूर्व सांसद कृष्णा तीरथ चुनाव लड़ रही हैं तो आम आदमी पार्टी के टिकट पर हजारी लाल चौहान हैं। हजारी लाल चौहान न सिर्फ प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रहे हैं बल्कि 1983 में पार्षद भी कांग्रेस के टिकट पर ही रहे हैं।
यहां भी अपने ही बने हैं दुश्मन
इसी तरह से मटिया महल से कांग्रेस प्रत्याशी शोएब इकबाल को भी पुराने कांग्रेसी से ही मुकाबला करना होगा। आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रहे आसिम खान कांग्रेस के टिकट पर 2012 का एमसीडी चुनाव लड़े थे तो शकील अंजुमन देहलवी का भी संबंध कांग्रेस से बताया जाता है।
हालांकि उनके पिता अनवर अली पुराने जनसंघ के नेता रहे हैं। भाजपा और आप में एक-दूसरे की पार्टी से आए नेताओं को टिकट देकर अपनी ही पार्टी के दूसरे प्रत्याशी केसाथ मुकाबला बना दिया है।
चाहे शाहदरा से रामनिवास गोयल, गोकलपुरी से चौधरी फतेह सिंह हों या जंगपुरा से एमएस धीर। वहीं कांग्रेस के शकूरबस्ती व देवली प्रत्याशी को भी अपने पुराने सार्थियों से दो-चार करना होगा।