करारी हार के बाद कांग्रेस में शुरू हुई बदलाव की लहर
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राजधानी में पहले विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने सोनिया गांधी से मुलाकात करके दिल्ली के हालात की जानकारी दी। फिर शाम को जिला व ब्लॉक को भंग करने का बयान जारी किया गया।
इसे लोस चुनाव में हार के बावजूद अरविंदर सिंह के संगठन में बने रहने का संकेत माना जा रहा है। इससे पूर्व मार्च में प्रदेश कार्यकारिणी और प्रकोष्ठ भंग किए गए थे।
नए सिरे से चुस्त दुरुस्त होगी पार्टी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व दिल्ली के प्रभारी डॉ. शकील अहमद और प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह की बैठक में जिला-ब्लॉक भंग करने का फैसला लिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा है कि जिला-ब्लॉक अध्यक्षों के अलावा उनके सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति भी तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। नए सिरे से पार्टी को चुस्त दुरुस्त बनाने में यह कारगर कदम साबित होगा।
मुकेश शर्मा ने कहा है कि आगामी एक महीने में अगले एक महीने में संगठन को नए सिरे से प्रारूप देने का काम शुरू होगा और जल्द संगठन पदाधिकारी तय कर दिए जाएंगे।
राहुल ने भी किया है इशारा
पार्टी को पोलिंग बूथ स्तर से कार्यकर्ताओं को जोड़कर महिला, युवा, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति समेत सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश कार्यकारिणी व जिला-ब्लॉक संगठन पदाधिकारी रामबाबू शर्मा के कार्यकाल से पुराने चले आ रहे हैं।
जबकि उसके बाद जेपी अग्रवाल और अब अरविंदर सिंह ने प्रदेश की कमान संभाली है। फिर राहुल गांधी भी संगठन को नए सिरे से तैयार करने के संकेत दे चुके हैं।