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CM हुड्डा के सामने उठेगा HUDA का मु्द्दा
अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 22 Jan 2014 06:00 PM IST
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ग्रेटर फरीदाबाद स्थित सेक्टर-75 और 80 के किसानों का मुद्दा मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में उठाया जाएगा।
बैठक 25 जनवरी को पंचकूला में होनी है। यह आश्वासन हुडा के भूमि अर्जन अधिकारी राजेंद्र सिंह गहलोत ने नहरपार के किसानों को दिया है।
यह भी पढ़ें:आखिर 24 घंटे से अंधेरे में क्यों बैठे हैं ये लोग?
फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ के नेतृत्व में बुधवार को नहर पार के पांच गांवों बढ़ौली, प्रहलादपुर, मिर्जापुर, फज्जूपुर और सीही के किसान सेक्टर-12 स्थित हुडा कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों ने हुडा के भूमि अर्जन अधिकारी से मुलाकात की।
शिवदत्त वशिष्ठ ने अधिकारी को बताया कि इन गांवों की जमीन पर ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-75 व 80 काटे गए हैं, लेकिन किसानों ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के पांच वर्ष बाद भी न तो सरकार को जमीन सौंपी है और न ही मुआवजा उठाया है।
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यह भी पढ़ें:जानिए, सूरजकुंड मेले को किससे है खतरा?
सरकार से मांग है कि वह नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत मुआवजा राशि दे, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के सर्कल रेट से चार गुना मुआवजा राशि दिलाने का आग्रह किया।
वशिष्ठ ने कहा कि अगर किसानों को उनके मन मुताबिक मुआवजा मिलना तय हो जाता है तो उच्च न्यायालय में सरकार के खिलाफ मुआवजा बढ़ाने की प्रथम अपील दी गई है, उसे वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।
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बैठक 25 जनवरी को पंचकूला में होनी है। यह आश्वासन हुडा के भूमि अर्जन अधिकारी राजेंद्र सिंह गहलोत ने नहरपार के किसानों को दिया है।
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फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ के नेतृत्व में बुधवार को नहर पार के पांच गांवों बढ़ौली, प्रहलादपुर, मिर्जापुर, फज्जूपुर और सीही के किसान सेक्टर-12 स्थित हुडा कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों ने हुडा के भूमि अर्जन अधिकारी से मुलाकात की।
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शिवदत्त वशिष्ठ ने अधिकारी को बताया कि इन गांवों की जमीन पर ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-75 व 80 काटे गए हैं, लेकिन किसानों ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के पांच वर्ष बाद भी न तो सरकार को जमीन सौंपी है और न ही मुआवजा उठाया है।
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सरकार से मांग है कि वह नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत मुआवजा राशि दे, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के सर्कल रेट से चार गुना मुआवजा राशि दिलाने का आग्रह किया।
वशिष्ठ ने कहा कि अगर किसानों को उनके मन मुताबिक मुआवजा मिलना तय हो जाता है तो उच्च न्यायालय में सरकार के खिलाफ मुआवजा बढ़ाने की प्रथम अपील दी गई है, उसे वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।