वजीराबाद से IGI एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान, सिग्नल फ्री कॉरिडोर पर चल रहा काम
करनाल बाईपास व वजीराबाद रोड से आईजीआई एयरपोर्ट जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली सरकार वजीराबाद से आईआईजी के बीच सिग्नल फ्री कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रही है। करीब 29 किमी लंबे नए कॉरिडोर का कुछ हिस्सा एलिवेटेड व कुछ टनल के जरिए गुजरेगा। इससे लोगों का कम से कम तीस मिनट का वक्त बचेगा।
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर काम शुरू करें। खास बात यह है कि मुसाफिरों की सहूलियत के लिए दिल्ली सरकार कॉरिडोर पर हाई स्पीड इलेक्ट्रॉनिक बस चलाने की योजना भी बना रही है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्ट की शुरुआत सिग्नेचर ब्रिज के नजदीक नजफगढ़ ड्रेन से होगी। ड्रेन के साथ-साथ करीब 9 किमी तक सड़क पूरी तरह एलिवेटेड होगी। इसके बाद यह दक्षिण की तरफ मुड़ जाएगी। आगे यह जखीरा और पंखा रोड इलाके से गुजरेगी। इस बीच सतह पर जगह नहीं होने से करीब 6.1 किमी लंबी टनल का निर्माण होगा। इसके बाद द्वारका के नजदीक कॉरिडोर नेशनल हाईवे-8 से जुड़ जाएगा।
करीब 6000 करोड़ रुपये खर्च होंगे
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि यूटीपेक से मंजूरी मिलने के तीन साल के अंदर प्रोजेक्ट तैयार किया जाना है। इस पर करीब 6000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तैयार होने से वजीराबाद से आईजीआई जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। दिल्ली वासियों के अलावा इसका बड़ा फायदा वाया करनाल बाईपास व वजीराबाद रोड से आने वाले लोगों को मिलेगा।
पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि उपराज्यपाल ने यूटीपेक को निर्देश दिया है कि वह दिल्ली सरकार के महत्वाकांक्षी उत्तर-दक्षिण सिग्नल फ्री कॉरिडोर को जल्द मंजूरी दे। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक महीने के भीतर यूटीपेक अपनी सहमति दे देगा। तीन साल के भीतर प्रोजेक्ट तैयार हो जाएगा। इससे वजीराबाद से आईजीआई एयरपोर्ट तक की आवाजाही आसान हो जाएगी।
प्रोजेक्ट एक नजर में
-29 किमी लंबा होगा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर
-सिग्नेचर ब्रिज से शुरू होकर द्वारका के पास आईजीआई एयरपोर्ट से जुड़ेगा
-यूटीपेक से एक महीने के भीतर मंजूरी मिलने की उम्मीद
-6000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तीन साल में पूरा होगा
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का नहीं निकला अभी पेच
आनंद विहार से टिकरी बॉर्डर तक बनाए जाने वाले पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर का पेच अभी भी नहीं निकल सका है। रेलवे की जमीन का मसला नहीं सुलझने से दिल्ली सरकार प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं कर पा रही है। सत्येंद्र जैन के मुताबिक, उपराज्यपाल से इस मसले पर भी बात की गई। उपराज्यपाल ने भरोसा दिया है कि इसका समाधान भी जल्द निकाला जाएगा।