सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास शनिवार रात मुस्लिम युवक की टोपी फेंकने व कथित तौर पर जय श्री राम नहीं बोलने पर पिटाई के मामले में पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली है। इसमें युवक दिखाई तो दिए हैं, लेकिन फुटेज धुंधली होने के कारण लैब में भेजा गया है।
मुस्लिम युवक विवाद: घर लौटना चाहता है पीड़ित, गौतम गंभीर की टिप्पणी पर मनोज तिवारी ने कही ये बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में मामला पूरा उलट गया है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने पर सामने आया है कि युवक को एक अन्य युवक ने रोका है। इसमें न तो शिकायतकर्ता के कपड़े फाड़ने की घटना है और न ही टोपी फेंके जाने की। कहासुनी के बाद दोनों में धक्कामुक्की हुई है और शिकायतकर्ता की टोपी सरक गई। इस टोपी को उतारकर शिकायतकर्ता ने स्वयं जेब में डाल लिया। इसके साथ ही मारपीट शुरू हुई। एक युवक मोहम्मद बरकत अली की बाजू पर डंडा मारता दिखाई दे रहा है। झगड़ा होता देख पास ही झाड़ू लगा रहा व्यक्ति मौके पर पहुंचा, जिसने दोनों पक्षों को छुड़वा दिया और मामले को शांत करवा दिया।
नशे में मारपीट की मामूली घटना
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग मामले को बेवजह तूल देकर सांप्रदायिक रंग देने में जुटे हैं जबकि यह शराब के नशे में मामूली मारपीट की घटना है। फुटेज को साफ करवाने के लिए लैब भेजा है ताकि आरोपी की पहचान करवाई जा सके। गौरतलब है कि शनिवार रात बरकत अली सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद से अपने घर जा रहा था कि इस दौरान 6 युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि उनमें से एक युवक ने उसे टोपी उतारने को कहा और जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाने को कहा। मना करने पर उससे मारपीट की गई।
गुरुग्राम छोड़कर बिहार जाना चाहता है पीड़ित
मोहम्मद बरकत अली ने सोमवार को समाज के लोगों के साथ पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील से मुलाकात की। उसने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और बताया कि वह गुरुग्राम में असुरक्षित महसूस कर रहा है, इसलिए वापस बिहार जाना चाहता है। इस पर पुलिस आयुक्त ने उसे कार्रवाई चलने तक गुरुग्राम में ही रहने को कहा, साथ ही आश्वासन दिया है कि वह शहर में सुरक्षित है। बरकत अली ने बताया कि शनिवार रात को हुई घटना की जानकारी उसने अपने परिजनों को बेगूसराय में दी। इसके बाद से वे घबराए हुए हैं। उन्होंने उसे तुरंत ही गुरुग्राम छोड़कर बिहार आने को कहा है। पीड़ित के भाई मोहम्मद मुर्तजा ने बताया कि जब से परिजनों को इस घटना के बारे में पता लगा है तब से वे सुरक्षा को लेकर चिंतित है। हर घंटे फोन कर उससे बातचीत कर रहे हैं और बिहार आने का दबाव भी बना रहे हैं।
माहौल बिगाड़ने की है कोशिश
पुलिस आयुक्त से मिलने आए हाजी अहमद, हाजी इजराइल, इमरान कुरैशी, मुफ्ती मोहम्मद सलीम, जामा मस्जिद के इमाम जान मोहम्मद, फारूख खान सहित अन्य ने बताया कि कुछ लोग शहर का माहौल खराब करना चाहते हैं। वह इस झगड़े को सांप्रदायिक रंग देना चाहते हैं ताकि उनकी राजनीति चलती रहे।
गंभीर ने सोशल मीडिया पर गुरुग्राम घटना की निंदा की
गुरुग्राम में एक मुस्लिम युवक से मारपीट मामले में सोमवार को पूर्वी दिल्ली से नवनिर्वाचित सांसद क्रिकेटर गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने लिखा कि एक मुस्लिम शख्स की टोपी उतारकर जय श्री राम बोलने पर जोर देना निंदनीय है। हम एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में रहते हैं, हम उस देश के, जहां जावेद ने लिखा था ओ पालन हारे, निरगुण और न्यारे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की निंदा होनी चाहिए। पुलिस को सख्त कदम उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने सेक्युलरिज्म को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम मोदी का मंत्र हैं- सबका साथ, सबका विकास, सब का विश्वास। वे सिर्फ गुरुग्राम मामले की बात नहीं कर रहे। सहिष्णुता और समावेशी विकास का विचार ही भारत का आधार है। हालांकि उनके बाद इस घटना को लेकर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर किया। गंभीर की इस टिप्पणी पर प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने सलाह दी कि वह खान मार्केट और टुकड़े टुकड़े गैंग के बीच घिरे हुए हैं। ये लोग गौतम गंभीर को सेक्युलरिज्म के मायाजाल में फंसा देंगे। इसलिए उनसे दूर रहने में ही भलाई है।