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CM केजरीवाल के ऐलान ने बढ़ा दिया सिरदर्द
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 14 Jan 2014 11:57 AM IST
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राजधानी के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को एक जनवरी से बिजली पर प्रति यूनिट 50 फीसदी सब्सिडी देने की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए ऊर्जा विभाग के साथ-साथ वित्त विभाग के अधिकारियों को माथापच्ची करनी पड़ रही है। अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि इसे लागू कैसे किया जाए।
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विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार सब्सिडी के तौर उस रकम का भी इस्तेमाल नहीं कर सकती जो डिस्कॉम्स के पास उधार है। ऐसे में सब्सिडी का लाभ देने के लिए विधानसभा का सत्र बुलाकर इसे पास कराना होगा।
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दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग और वित्त विभाग के प्रधान सचिव शक्ति सिन्हा ने कहा कि मौजूदा स्थिति में एक रुपये की भी सब्सिडी पुराने फंड से नहीं दी जा सकती। एक जनवरी से जिस सब्सिडी की घोषणा की गई है, उसे विधानसभा से पास कराना होगा। यह भी कहा कि सरकार किसी अन्य मद का इस्तेमाल करके भी सब्सिडी पर खर्च नहीं कर सकती है।
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उधर, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव पुनीत गोयल का कहना है कि सब्सिडी की राशि कैसे दी जाए इस पर विचार किया जा रहा है। जिसका हल बहुत जल्द निकल आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी अन्य मद से सब्सिडी दी जा सकती है अथवा सब्सिडी देने के बाद भी विधानसभा से इसे पास कराया जा सकता है। इन सभी मुद्दों पर विभाग में काम चल रहा है।
उधर, बिजली कंपनियों को भी सब्सिडी के संबंध में किसी प्रकार की कोई सूचना नहीं दी गई है। क्योंकि आम उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से जो सब्सिडी मिलती है, वह रकम सरकार पहले ही डिस्कॉम्स को दे देती है।